लोगों ने मोदक, मोतीचूर, चूरमे के लड्डू, पुष्प-माला चढ़ाकर घर-परिवार के लिए मंगल कामना की।
गणेश चतुर्थी पर सुबह से शुभ मुर्हूत में घर-मंदिरों में गणेश पूजन प्रारंभ हो गया। लोगों ने प्रथम पूज्य का फूल माला से श्रृंगार कर हरी दूब, बूंदी और बेसन के मोदक, गुलाब-मोगरे, गैंदे के फूल, श्रीफल, अगरबत्ती, मीठा पान, और अन्य सामग्री अर्पित कर पूजन किया। आगरा गेट स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। सुबह 4 बजे मंगला आरती, 7 बजे नित्य आरती हुई। इसके बाद पुरोहितों ने गणपति अथर्वशीर्ष से गणेश पूजन किया गया। लोगों ने मोदक, मोतीचूर, चूरमे के लड्डू, पुष्प-माला चढ़ाकर घर-परिवार के लिए मंगल कामना की।
मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
शास्त्री नगर की पहाड़ी पर स्थित प्राचीन गणेशगढ़ मंदिर पर भी गणपति का पूजन हुआ। आगरा गेट बालू गोमा गोला स्थित कार्यसिद्ध गणेश मंदिर में गणेश प्रतिमा के दर्शन के लिए लोग उमड़े। इसी तरह वैशाली नगर, आदर्श नगर न्यू केसरी कॉलोनी, पंचशील, माकड़वाली रोड, बी.के.कौल नगर, कोटड़ा, श्री गणेश नवयुवक मंडल रामगंज, गुलाबबाड़ी, मदार गेट, पुरानी मंडी, नया बाजार, पुष्कर रोड, ऊसरी गेट, अजयनगर, नसीराबाद रोड, तोपदड़ा, नाका मदार, शास्त्री नगर, बिहारी गंज, केसरगंज, गुर्जर धरती, किशन गुरनानी मोहल्ला, वीर चौक, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, अजयनगर और अन्य इलाकों में घरों और मंदिरों में गणेश पूजन हुआ।
यूं किया गणेश पूजन
-लाल कपड़ा बिछाकर स्थापित किया गणेश प्रतिमा
- सिंदूर, दूर्वा, हल्दी,फूल, चंदन से करें श्रृंगार-गणेशजी को पहनाई जनेऊ
-मोदक व लड्डुओं का लगाया भोग
-धूप-दीपक प्रज्ज्वलित कर कर आरती
इनका रखें ध्यान....
पर्यावरण: सुरक्षित रहे जैव विविधता-वन संपदा
पानी: साफ रहें हमारे तालाब, झरने,नदियां व झीलें
पेड़-पौधे: अजमेर में हरियाली रहे बरकरार
पहाड़: अरावली की बची रहे इकोलॉजी
पशु-पक्षी: वन सम्पदा संग पशु-पक्षी का संरक्षण