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सावधान! ऑक्सीजन कंसट्रेटर- प्रयोग करें तो रखरखाव का भी रखे ध्यान, हो सकता है हादसा

ऑक्सीजन रिसाव से हुआ था गम्भीर हादसा, हालात देख दहल गए लोग पुलिस को अभी एफएसएल जांच रिपोर्ट का इंतजार गंभीर रूप से घायल सुल्तान की हालत बताई स्थिर

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अजमेर

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Amit Kakra

Jul 19, 2021

oxygen concentrator

सावधान! ऑक्सीजन कंसट्रेटर प्रयोग करें तो रखरखाव का भी रखे ध्यान, हो सकता है हादसा

गंगापुरसिटी. शहर के रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक मकान में ऑक्सीजन रिसाव के चलते हुए हादसे ने सबको दहला दिया। लोगों में ऑक्सीजन सेचुरेशन को बनाए रखने के लिए कंसंटे्रटर पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग तकनीकी विशेषज्ञों से कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी लेते नजर आए।
बाजार में विभिन्न क्लालिटी व क्षमता के ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर उपलब्ध है। इसमें चायनीज कंसंटे्रटर भी आ रहे है। जानकारों के अनुसार 20 किलो का कंसंटे्रटर एक साथ करीब 20 से 24 घंटे तक चलाया जा सकता है। जबकि 5 व 10 किलो के कंसंटे्रटर का कम्प्रेसर कमजोर होने से ट्रिपिंग करता है। इसे बीच-बीच में बंद करना पड़ता है। कंसंटे्रटर में पीछे लगे पॉट में 3 से 4 दिन के अन्तराल में पानी बदलने के अलावा पाइप लाइन को भी चेक करना पड़ता है।
दो मासूमों की फिक्र

ऑक्सीजन रिसाव से झुलसे दंपत्ति के 8 व 10 साल के दो बेटे हैं। सुल्तान की बीमारी के चलते बच्चे ननिहाल में थे। अब बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। पिता भी हॉस्पिटल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब अन्य रिश्तेदार-परिवार ही बच्चों का एक मात्र सहारा है। अचानक आए इस संकट से परिवार के लोग सहमे हुए हैं।
यह है मामला
शनिवार अलसुबह रीको औद्योगिक क्षेत्र के सामने स्थित कॉलोनी में ऑक्सीजन कंसंटे्रटर में रिसाव के बाद शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई थी। इसमें मीना बड़ौदा निवासी सरकारी व्याख्याता संतोष मीना (40) की झुलसने से मौत हो गई। साथ ही पति सुल्तान मीना (45) को गंभीर में रैफर किया गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार सुल्तान बीते अप्रेल में कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। पोस्ट कोविड समस्या से उनका अजमेर मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। तबियत में थोड़ा सुधार होने पर परिजन उन्हें करीब 2 सप्ताह पूर्व रीको एरिया स्थित मकान पर पर लाए थे।
इनका खास रखें ध्यान....
-बंद कमरे में नहीं करें ऑक्सीजन का प्रयोग, खिड़की दरवाजे रखें खुले
-पहले से ऑक्सीजन सिलेंडर वाले कमरेे में नहीं रखें एक से ज्यादा ऑक्सीजन कंसंटे्रटर या सिलेण्डर
-दूसरे सिलेंडर के लीकेज से ऑक्सीजन रिसाव हो तो नहीं जलाएं माचिस, बीड़ी-सिगरेट
- ऑक्सीजन कंसंटे्रटर की पाइप लाइन को उचित समयान्तराल में करें चेक
-आवश्यक होने पर ही घर पर लगाएं ऑक्सीजन
-कंसंट्रेटर की क्षमता 5 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन, एक साथ जमा करने पर खतरा
(जैसा फिजिशियन डॉ. अकरम खान ने बताया)

-आवश्यकता और क्वालिटी के हिसाब से बाजार में ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर उपलब्ध है। इनकी देखरेख जरूरी है। कम क्षमता वाले कंसंट्रेटर को बीच-बीच में बंद करना पड़ता है। कंसंटे्रटर में पीछे लगे पॉट का 3 से 4 दिन के अन्तराल में पानी बदले के अलावा लाइन को भी चेक करते रहना चाहिए।
-गोपाल लाल, ऑक्सीजन कंसंटे्रटर सप्लायर