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भूपेन्द्र सिंह
अजमेर. राज्य में लम्बे समय से चल रही पटवारियों की हड़ताल के कारण इस बार रबी सीजन की फसलों की गिरदावरीGirdawari अटक गई है। रबी की फसलों की गिरदावरी 1 फरवरी से 5 मार्च तक होती है लेकिन इस बार पटवारियों की हड़ताल Patwari strikeतथा अतिरिक्त पटवार हल्कों के बहिष्कार के कारण गिरदावरी अधिकतर जिलों में पूरी तरह नही हो सकी। राज्य में 12 हजार 500 पटवार सर्किल Patwar circles हैं। इनमें से 7700 पटवार सर्किल भरे हुए है,जबकि करीब 4800 खाली है। इन पटवार सर्किलों का अतिरिक्त कार्यभार अन्य पटवारियों को दिया गया है लेकिन पटवारियों ने 15 जनवरी से अतिरिक्त पटवार सर्किलों का बहिष्कार कर रखा है। इससे इन 4800 पटवार हल्कों में रबी सीजन की फसल गिरदावरी नहीं हो सकी। गिरदावरी के जरिए फसल का रकबा तथा उत्पादन की गणना की जाती है। इसी आधार पर सरकार अपनी योजनाएं भी तय करती है।
समर्थन मूल्य तय करने में आएगी दिक्कत
गिरदावरी के अलावा फसल कटाई का ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रयोग भी बंद है। गिदरावरी नहीं होने तथा फसल कटाई प्रयोग नहीं होने से सरकार को जिसों का समर्थन मूल्य तय करने परेशानी आएगी। किसान भी परेशान होगा। कसानों को फसल बीमा योजना का लाभ मिलने में परेशानी आएगी। किसान केसीसी बनाने में दिक्कतें होंगी।
हड़ताल लम्बी चली तो बढ़ेगी परेशानी
अजमेर में ही 290 पटवार सर्किलों में फसल गिरदावरी हुई है जबकि जबकि 310 पटवार सर्किलो में गिरदावरी नहीं हो सकी। सरकार यदि पटवारियों की मांगे नहीं मानती है और हड़ताल लम्बी चलती है तो रवि की गिरदावरी इस बार मुश्किल नजर आ रही है,क्योंकि किसान तो अपनी फसल समय पर ही काटेगा। राज्य में भू-राजस्व अधिनियम के तहत फसल गिरदावरी की जाती है। इनमें रवि, खरीफ, जायद तथा जायद रवि की गिदावरी की जाती है। प्रत्येक मौसम की गिरदावरी की समय निर्धारित है।
इन फसलों की होती है गिरदावरी
रवि सीजन के दौरान गेंहूं, चना,जौ, राई सरसों, तारामीर, मसूल, धनिया, जीरा, मेथी तथा ईसबगोल फसल की गिरदवरीगि की जाती है। इसके लिए रकबा व उत्पादन की गणना की जाती है। पिछले साल राज्य में 3497209 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई थी। इसी तरह चना 2463029, जौ 301244, राई सरसो 2712609, तारामीर 763867, मूसर 17024, धनिया 60039, जीरा 779775, मेथी 52661 तथा इसबगोल का रकबा 333954 हेक्टेयर था।
इसलिए हो रही है हड़ता
लराज्य के पटवारी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। इनमें ग्रेड पे 3600 किए जाने,9-18-27 के स्थान 7-14-21-28 का चयनित वेतनमान नहीं दिए जाने, नो वर्क नो पे के तहत सवाईमाधोपुर व कोटा संभाग के चारो जिलों के पटवारियों का बकाया वेतन दिए जाने की मांग कर रहे हैं। पिछले माह ही पटवारी पैदल मार्च कर जयपुर पहुंचे है तथा विधानसभा के पास धरने पर बैठे हैं।
इन कार्यो पर भी असर
पटवारियों के विरोध के कारण अतरिक्त पटवार सर्किलों में किसान केसीसी कार्ड, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के नए आवेदकों का सत्यापन सहित अन्य कार्य प्रभावित हैं। आवेदक चक्कर लगा रहे हैं।
जिला कलक्टरों से मांगी रिपोर्ट
राजस्व मंडल ने सभी जिला कलक्टरों (भू.अ.) को मौसम रबी (उन्हालू) 2020-21 की गिरदावरी की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए है। राजस्व मंडल की संयुक्त निदेशक (सांख्यकी) बीना वर्मा ने इसके लिए सभी जिलों के कलक्टरों को पत्र लिखा है। रवि फसल की जिसों का क्षेत्रफल तथा उत्पादन की रिपोर्ट मांगी गई है।
इनका कहना है
पटवारी तीन सूत्रीय मांगो को लेकर पिछले 15 महीने से गांधीवादी तरीके से आन्दोलन कर रहे हैं,लेकिन सरकार सुनवाई नहीं कर रही है। अतिरिक्त पटवार सर्किलों के बहिष्कार के कारण इनकी गिरदावरी नहीं हो सकी है। गिरदावरी के साथ ही अन्य कार्य भी प्रभावित हैं। पटवारी आन्दोलन के चलते आमजन व किसान परेशान है लेकिन सरकार गहरी नींद में सोई है। सरकार ने मांगे नहीं मानी तो हम काम रोकने के साथ ही पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लेंगे इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
राजेन्द्र निम्मीवाल,प्रदेशाध्यक्ष,राजस्थान पटवार संघ
Published on:
11 Mar 2021 07:05 pm
