
अजमेर के बहुचर्चित एसपी मंथली प्रकरण में फंसे पुलिस अफसरों ने बीते बारह साल में विभागीय स्तर पर भी खासा नुकसान उठाया। उनकी विभागीय पदोन्नति के लिफाफे आज भी पंद पड़े हैं। हालांकि आईपीएस अधिकारी व तत्कालीन एसपी राजेश मीणा नियमित पदोन्नति से आईजी सीआईडी इंटेलीजेंस के पद पर तैनात हैं।
प्रकरण में तत्कालीन अजमेर एसपी राजेश मीणा समेत 13 पुलिस अधिकारियों व दो अन्य ने बीते 12 साल में जेल में रहने के साथ ही अदालत की तारीख पेशी भुगती हैं। हालांकि जमानत मिलने के बाद विभागीय पदों पर तैनाती तो मिली लेकिन पदोन्नति के लिफाफे बंद कर दिए गए। ग्यारह थानेदारों में से 4 तो डीएसपी बनने के बाद बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल समेत 6 निरीक्षक व उप निरीक्षक अब भी पूर्व पदों पर तैनात हैं और उनके प्रमोशन के लिफाफे करीब 8 साल से बंद पड़े हैं।
प्रकरण का फैसला आने में बारह साल का समय बीत गया। ऐसे में 4 पुलिस अधिकारियों में सुनील विश्नोई, जयपाल धारणिया, प्रमोद स्वामी, कुशाल राम चौरड़िया निरीक्षक से डीएसपी के पद पर पदोन्नत हो गए लेकिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनने से वंचित रहे गए।
Published on:
31 Jul 2024 04:54 pm
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