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Good News: आरपीएससी में बनेगी रिसर्च विंग, विशेषज्ञ सुधारेंगे पाठ्यक्रम

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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 15 Feb 2019, 6:33 AM IST

rpsc research wing

rpsc research wing

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

अभ्यर्थियों की सहूलियत और त्रुटियों से बचने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग जल्द एक रिसर्च विंग (शोध विभाग) बनाएगा। यह विंग भर्ती परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों का अवलोकन करेगी। आवश्यकतानुसार वांछित सुधार और नवाचार के बाद पाठ्यक्रमों को त्वरित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

आयोग आरएएस और अधीनस्थ सेवाओं सहित कॉलेज, स्कूल व्याख्याता, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य विभागों की भर्ती परीक्षाएं करता है। प्रत्येक भर्ती परीक्षा के लिए संबंधित विभाग की अनुशंषा के अनुसार आयोग पाठ्यक्रम जारी करता है। इसमें सम-सामायिकी, विषय-संकायवार पूछे जाने वाले बिन्दु शामिल होते हैं। अभ्यर्थी पाठ्यक्रम के अनुरूप ही भर्ती परीक्षाओं की तैयारियां करते हैं।

पाठ्यक्रम में नहीं होते त्वरित नवाचार

संबंधित विभाग और आयोग स्तर पर जारी होने वाले पाठ्यक्रम में नवाचार की प्रक्रिया बहुत धीमी होती है। भर्ती संस्था होने के नाते आयोग पाठ्यक्रमों के लिए पूर्णत: विभागों पर निर्भर रहता है। कई विभाग पाठ्यक्रमों में बदलाव किए बिना पुराने बिन्दुओं-विषयों पर आधारित पाठ्यक्रम भेज देते हैं। आयोग भी इन्हें पोर्टल पर जारी कर देता है। परीक्षाओं के बाद पेपर और उत्तर कुंजी जारी होती है। इसमें अभ्यर्थी प्रश्नों पर आपत्तियां देते हैं।

रिसर्च विंग सुधारेगी पाठ्यक्रम
अभ्यर्थियों की सहूलियत और त्रुटियों से बचने के लिए आयोग शीघ्र एक रिसर्च विंग बनाएगा। इसमें अभ्यर्थना भजेने विभागों के एक या दो प्रतिनिधि, कॉलेज-विश्वविद्यालयों के विषय विशेषज्ञ और आयोग के अधिकारी-कार्मिक शामिल होंगे। रिसर्च विंग विभागों से मिलने वाले पाठ्यक्रमों का अवलोकन करेगी। आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रमों में वांछित सुधार किया जाएगा। इसके बाद इन्हें पोर्टल पर जारी किया जाएगा।

यूपीएससी सबसे अव्वल

भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पाठ्यक्रमों में समयानुकूल बदलाव होते हैं। इस मामले में संघ लोक सेवा आयोग सबसे अव्वल है। वहां पाठ्यक्रमों में त्वरित बदलाव-सुधार कर उन्हें पोर्टल पर जारी किया जाता है। अखिल भारतीय स्तर की परीक्षाएं नियमित होने से यह प्रक्रिया वर्षभर जारी रहती है। आरपीएससी भी इसी प्रक्रिया को अपनाना चाहता है।

आयोग-अभ्यर्थियों को फायदा...
-अभ्यर्थियों को उपलब्ध होंगे सही पाठ्यक्रम

-त्रुटियां सुधार कर नवाचार करने में आसानी
-प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी पर आपत्तियां देने में आएगी कमी

-अभ्यर्थियों को पोर्टल पर त्वरित मिलेंगे पाठ्यक्रम
-आयोग और विभागों की पाठ्यक्रम संबंधित परेशानी होगी कमबनाएं बॉक्स....भर्ती फार्म को बनाएंगे सरल

आयोग भर्तियों के फार्म को दो चरण में भरवाना चाहता है। आंतरिक स्तर पर एक कमेटी योजना बनाने के अलावा कामकाज में जुटी है। प्रस्तावित योजनान्तर्गत भर्तियों के परीक्षा फार्म को सरल बनाया जाएगा। पहले चरण में अभ्यर्थियों के नाम, माता-पिता का नाम, डाक का पता, परीक्षा का नाम, फोन नंबर, ई-मेल और कुछ जरूरी जानकारियां ही भरवाया जाना प्रस्तावित है।

विभागवार भर्ती परीक्षाओं के पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन जरूरी है। आयोग अपनी रिसर्च विंग बनाएगा। विशेषज्ञ इनका अवलोकन कर वांछित सुधार और नवाचार करेंगे। अभ्यर्थियों को संशोधित और नए पाठ्यक्रम उपलब्ध हो सकेंगे।

दीपक उप्रेती, अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग