
मेवाड़ के शिमला में दौड़ेगी रेलबस, वादियों के बीच का दिखेगा नजारा
अमित काकड़ा/अजमेर. मारवाड़ के निकट गोरमघाट पर पर्यटन को जल्द ही पंख लगेंगे। रेलवे इस ट्रेक को ट्रेन टूरिज्म के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए 52 किलोमीटर की लाइन को मीटरगेज रखा जाएगा। यहां पुरानी फिल्मों की तरह धीमी गति की ट्रेन, धुआं उगलते इंजन और अन्य नजारे पर्यटकों को लुभाएंगे। इसके लिए कोच ट्रायल के लिए पहुंच गया है।
रेलवे लाइनों को लगातार अपग्रेड करने के साथ ही हैरिटेज को भी सहेज रहा है। इसी क्रम में देवगढ़-मारवाड़ के बीच 52.08 किलोमीटर लाइन को मीटर गेज ही रखा जाएगा। इस ट्रेक पर जल्द ही रेलबस चलाई जाएगी। इसके लिए मथुरा से राधारानी कोच नाथद्वारा पहुंच गया है। यहां इसका रखरखाव किया जाएगा। जून में इसका ट्रायल होगा। इसके बाद ट्रेक पर नियमित संचालन प्रारंभ होगा। मालूम हो कि इस ट्रेक का निर्माण ब्रिटिशकाल में किया गया था।
पुराना सिग्नल सिस्टम
घाटियों के बीच से निकलते मीटर गेज ट्रेक पर सैलानी फूलाल, गोरमघाट व कमलीघाट की वादियों को निहार सकेंगे। यह राजस्थान का सबसे पुराना मीटरगेज ट्रैक है। जिसे रेलवे सहेज कर रख रहा है। यहां पुराने सिग्नल सिस्टम को भी यथावत रखा जाएगा।
हरियाली, पानी और जीवों का संगम
गोरमघाट को मेवाड़ का कश्मीर भी कहा जाता है। इस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर लोग पिकनिक मनाने जाते हैं। इसके लिए दो किमी का पैदल सफर करना पड़ता है। यहां हरियाली, पानी और पक्षियों का संगम है। यहां बड़े झरने के अलावा जंगल क्षेत्र में चट्टानों पर कई पिकनिक स्पॉट हैं। चारों तरफ बड़ी पहाडि़यां इस स्थल को मनोहारी बनाती हैं। यहां कई छोटे प्राकृतिक झरने भी हैं।
फैक्ट फाइल
10 : से ज्यादा छोटे-बड़े झरने
100 : से ज्यादा प्रजातियों के वन्य जीव
125 : से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां
इनका कहना है...
मीटर गेज का ट्रैक रहेगा। इसकी मंजूरी मिल गई है। सिग्नल सहित अन्य सिस्टम भी हैरिटेज रखेंगे। इससे लोगों को प्रकृति के साथ रेलवे की विरासत को देखने का मौका मिलेगा।
- राजीव धनखड़, डीआरएम, अजमेर
A Trip To Goram Ghat Rajasthan
Published on:
09 May 2023 05:46 pm
