
अंजुमन की ओर से की गई पाकिस्तान के जायरीन की दस्तारबंदी
Ajmer Urs 2025: अजमेर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के 813 वें उर्स में आए पाकिस्तानी जायरीन का गुरुवार को महफिलखाना में अंजुमन सैयद जादगान की ओर से इस्तकबाल किया गया गया। इस दौरान सूफियाना कलाम, नात और अन्य प्रस्तुतियां दी गई।
पाकिस्तान के जायरीन हसन कादरी ने जिसे चाहा अपना बना लिया.., यह बड़े करम के फैसले यह बड़ी बात…,नात पेश की। हाफिज अरसलान कादरी ने हमें नाज है तुम पर…तेरा जैसा जमाने में कोई बंदा नवाज नहीं मोईनुद्दीन…, तेरा देने-दिलाने का अंदाज निराला….किसी और का दुनिया से अंदाज….,असद अयूब ने मैं तो पंजतन का गुलाम हूं, मुझे इश्क है तो अली से हुसैन से है….नात सुनाई।
मिर्जा इमदाद ने कोई आपके जैसा है जमीन और आसमान पे….नात पेश की। सचिव सरवर चिश्ती ने कहा कि सदियों से खुद्दाम ने गरीब नवाज के आस्ताने में जायरीन को जियारत कराई और खिदमत की है। हमने गरीब की सेवा को सर्वोच्च माना। सदर सैयद गुलाम किबरिया और अन्य ने दस्तारबंदी कर तबर्रुक भेंट किया। दुआ-ए-खैर हुई। उपाध्यक्ष सैयद हसन हाशमी , सैयद बिलाल चिश्ती और अन्य मौजूद रहे।
91 पाक जायरीन का जत्था शुक्रवार दोपहर 3.30 बजे अजमेर रेलवे स्टेशन से गाड़ी संख्या 12016 अजमेर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से रवाना होगा। स्टेशन पर इसके लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। पाक जायरीन जत्थे के संपर्क अधिकारी भरतराज गुर्जर के अनुसार पुरानी मंडी स्थित सेंट्रल गर्ल्स स्कूल से रेलवे स्टेशन तक पाक जायरीन को रोडवेज की बसों से पहुंचाया जाएगा।
Published on:
10 Jan 2025 08:44 am

बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
