गुर्जर आरक्षण आंदोलन के अगुवा कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि गुर्जर समाज को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर 5 फरवरी को बिजयनगर के पास साईमाला देव मंदिर में महापंचायत होगी। उधर महापंचायत की घोषणा के साथ ही जिले में गुर्जर समाज के लोग सक्रिय हो गए है। महासभा में अजमेर संभाग के सैकड़ों गुर्जर भाग लेंगे। महापंचायत के लिए बैसला ने विभिन्न गांवों का दौरा भी किया।
बैंसला ने कहा कि गुर्जरों को आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर वह कफन बांध कर निकले हैं। यह उनकी अंतिम और आर-पार की लड़ाई है। कांग्रेस सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में भी गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का वादा किया था। वह आरक्षण लेकर रहेंगे, चाहे गुर्जर समाज के लिए उन्हें कुछ भी करना पड़े। पत्रकारों से बातचीत में बैंसला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि सत्ता में आने के बाद गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसके बाद कांग्रेस सत्ता में भी आई और अभी तक आरक्षण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। गुर्जर समाज ने राज्य सरकार को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया था।
यह अवधि 8 फरवरी को पूरी होगी। बैसला ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार ने सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान किया है। केन्द्र की भांति क्रीमीलेयर की सीमा आठ लाख के अनुसार गुर्जर समाज भी संवैधानिक दायरे में रहते हुए पांच प्रतिशत आरक्षण लेकर रहेगा। बार बार आंदोलन करने व फिर बैठ जाने के सवाल पर बैसला ने कहा कि लोकतंत्र में वोट की ताकत होती है और वह यह ताकत दिखाएंगे। सरकार से फिलहाल कोई बुलावा नहीं आया है। वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनका पुत्र क्या करेगा इसके लिए वह जवाब देगा।