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ये है जून की जबरदस्त तपन, यूं बचें लू और तापघात से

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों और जागरुता से गर्मी, लू और तापघात से बचा जा सकता है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 11 Jun 2019, 8:44 AM IST

heat and sun stroke

heat and sun stroke

अजमेर.

जून में गर्मी का असर बरकार है। इन दिनों अस्पतालों, प्राथमिक और सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों में लू और ताप घात के मरीज बढ़ रहे हैं। कई मामलों में तो तेज गर्मी से राजस्थान सहित कई प्रदेशों में पिछले दिनों में कुछ लोगों की मृत्यु भी हुई है। लेकिन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों और जागरुता से गर्मी, लू और तापघात से बचा जा सकता है।

गर्मी के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने सभी अस्पतालों में लू-तापघात के रोगियों के लिए कुछ बैड आरक्षित रखने, कूलर व शुद्ध पेयजल की व्यवस्थाएं, रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन किट, ओआरएस ड्रिपसेट, फ्लूड एवं आवश्यक दवाईयां रखने को कहा है।

नरेगा कार्यस्थल पर ए एन एम फस्र्ट एड किट, सभी सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर धूप से बचने और पीने के पानी की पर्याप्त व्यावस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

तुरन्त मिले मरीज को उपचार
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी बीमारियों के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष ध्यान रखने को कहा है। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी, एएनएम और स्टाफ की उपस्थिति, उल्टी-दस्त, बुखार के रोगियों को तत्काल उपचार शुरू करने और गंभीर स्थिति में उच्चाधिकारियों को सूचना देने को कहा गया है।

लू तापघात के लक्षण
-सिर में भारीपन व दर्द रहना
-अधिक प्यास लगाना व शरीर में भारीपन के साथ थकावट
-जी मिचलानाए, सिर चकराना और तापमान
-पसीना आना बंद होना. मुंह लाल हो जाना
-बेहोशी जैसी स्थिति का होना या बेहोश होना

यूं बचें गर्मी से...

-दोपहर 1 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
-सिर पर कपड़ा बांधें, आंखों पर धूप का चश्मा पहनें
-शरीर में पानी की मात्रा नहीं होने दें कम
-भारी भोजन के बजाय पेय पदार्थों और हल्के भोजन पर जोर
-बुखार जैसी स्थिति में तुरन्त लें डॉक्टर से सलाह