आसोज माह में मूसलाधार बारिश,मानसून जाते-जाते रहा मेहरबान

अजमेर जिले के कई कस्बों में तेज बारिश से कई जगह पानी भरा, खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान,किशनगढ़ स्थित कृषि उपज मंडी में अनाज भीगा

Suresh Bharti

September, 2207:14 AM

अजमेर. इस साल अजमेर जिले में मानसून खासा मेहरबान रहा है। जिले के पिचानवे फीसदी बांध-तालाब लबालब हो गए। बीसलपुर बांध के गेटों से पानी की निकासी की गई। अब मानसून की विदाई होने वाली है,लेकिन जाते जाते जिले के कई स्थानों पर बारिश (heay rain) हुई।

शनिवार को किशनगढ़,पीसांगन के फतेहपुरा, सेठन व अखेपुरा इलाके में मेघा जमकर बरसे। इसके चलते खेत-खलिहान में पानी भर गया। छोटे-बड़े नालों में पानी ऊफान पर रहा। किशनगढ़ शहर और आसपास के गांवों में तेज बरसात (heay rain) से कई जगह पानी भराव से लोगों को परेशानी हुई।

आधा घंटेे मूसलाधार बरसात से एक बार फिर गुंदोलाव झील की चादर चल गई। कई स्थानों पर पानी भरने से वाहन चालकों को दिक्कतें हुई, वहीं आमजन को उमस व गर्मी से राहत मिली।

तेज गर्जना के साथ बिजली कडक़ी

किशनगढ़ में शनिवार दोपहर मौसम अचानक बदल (change) गया। सुबह से ही बादल छाए हुए थे। दोपहर बाद आकाश में बादलों का डेेरा हो गया। पहले हवा चलने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद लगभग सवा दो बजे मूसलाधार बरसात (heay rain) पौने तीन बजे तक चलती रही।

आधे घंटे तक तेज बरसात होने से सडक़ों पर तेज पानी गति से पानी बह निकला जो बरसात बंद होने तक चलता रहा। इससे कई जगह यातायात भी बाधित हुआ। पुराने बस स्टैंड परिसर, रूपनगढ़ रोड आरओबी के पास, सुभाष कॉलोनी, गांधीनगर अमरनाथ छतरी के पास सहित कई स्थानों पर पानी भर गया। बारिश के दौरान बिजलिया कडक़ती रही।

गुंदोलाव झील की चली चादर

तेज बरसात के बाद पानी गुंदोलाव झील (gundonav lack) में पहुंचा। इसके चलते एक बाद फिर चादर पर से बहने लग गया। इससे पहले भी गत माह गुंदोलाव झील की चादर चली थी। झील पर चादर चलने की जानकारी मिलने पर क्षेत्रवासी वहां का नजारा देखने पहुंचे। इन दिनों झील का पानी हिलोरे मार रहा है।

खुशनुमा हुआ मौसम

पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हो रही थी। इसके चलते उमस व गर्मी से लोग परेशान रहे। पंखे,कूलर व एसी का सहारा लेना पड़ा। शनिवार को हुई बरसात के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। इसके चलते गर्मी से राहत मिली।

इंसुलेटर पर गिरी बिजली

बरसात के दौरान शनिवार को सिलोरा स्थित १३२ केवी जीएसएस से निकलने वाले ३३ केवी फीडर पर आकाशीय बिजली गिर गई। इससे करीब २० इंसुलेटर पंक्चर (जल) हो गए। आसपास की बिजली 4 घंटे तक बंद रही। विद्युत कर्मियों को सूचना मिलने पर फीडर की जांच की। बाद में सभी इंसुलेटर को बदलकर विद्युत आपूर्ति चालू की गई। बिजली गिरने से वाटर वक्र्स और पुरुषोत्तम नगर की बिजली आपूर्ति बंद रही।

खेतों में फसल को नुकसान

तेज बारिश से किशनगढ़ सहित आसपास के गांवों में कई जगह पानी भर गया। वहीं फसल को नुकसान पहुंचा। खेतों में इन दिनों फसल खड़ी है। कई किसानों ने तो फसल की कटाई कर ली, लेकिन कई क्षेत्रों में फसलों की कटाई अभी बाकी है। तेज बारिश (heay rain) और आंधी के चलते क्षेत्र में मूंग, ज्वार,ग्वार, बाजरा सहित अन्य फसले आढी पड़ गई।

मंडी में भीगी कृषि जिंसें

बारिश से कृषि उपज मंडी में काश्तकारों की मेहनत पानी में बह गई। प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं होने से मूंग पानी में बह गए। हालांकि सरकार की ओर से किसानों की फसल रखने के लिए प्लेटफार्म बना रखे हैं, लेकिन प्लेटफार्म पर व्यापारियों की ओर से माल रखने से किसानों को जगह नहीं मिलती है।

किसानों ने जैसे-तैसे बचाई फसल

सडक़ पर खुले में रहने से मूंग भीग गए। वहीं काफी मात्रा में पानी में भी बह गए। किसानों ने जैसे-तैसे बोरियों से फसल को ढका और बारिश थमने का इंतजार करते रहे। मूंग बारिश में बहने से किसानों को काफी नुकसान हुआ । साथ में गीले होने से उनका भाव भी कम हो गया है।

पूर्व में जता चुके हैं विरोध

17 सितम्बर में किशनगढ़ मंडी में हुए विवाद के दौरान किसानों ने प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों की ओर से माल रखने का विरोध किया था। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्लेटफार्म उपलब्ध नहीं होने पर किसानों ने विरोध जताया। मंडी गणेश नारायण मालपुरा, श्योराम चौधरी बनेवड़ी, बिशनलाल श्रीनगर, श्योनारायण गुर्जर, कल्याण सिंह, गोपीलाल, विश्राम गोदारा सहित कई किसानों ने प्रशासन से प्लेटफार्म खाली कराने की मांग की है।

suresh bharti Desk
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