
Lt.col harjinder singh
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
तमिलनाडू में एमआई-17 वीं हैलीकॉप्टर हादसे में मृत लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह और उनके परिवार का अजमेर से नाता रहा है। उनकी बुआ सोफिया कॉलेज में शिक्षिका रहीं। वे बचपन में दादी से मिलने आया करते थे। वैशाली नगर में उनके रिश्तेदारों का पुराना मकान बना हुआ है। हालांकि सिंह के परिवार के लोग अब यहां नहीं रहते हैं।
कून्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत के साथ मृतकों में लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर भी शामिल हैं। सिंह ने बचपन का कुछ वक्त अपने चाचा के यहां अजमेर में बिताया था।
आते थे दादी से मिलने
पत्रिका से मोबाइल पर बातचीत में दिल्ली स्थित हरजिंदर के रिश्तेदार ने बताया कि वे बचपन दादी से मिलने अजमेर आया करते थे। दादी की मृत्यु के बाद यह सिलसिला बंद हो गया। हरजिंदर की अजमेर में पैदाइश और शिक्षा-दीक्षा नहीं हुई है।
पिता-चाचा पढ़े अजमेर में
रिश्तेदार ने बताया कि हरजिंदर के पिता और उनके भाई अजमेेर के राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल में पढ़े थे। उनके पिता की मृत्यु 1999 में हुई थी। वे भी फौज में थे। इसके अलावा परिवार के कई लोग सेना में सेवारत और सेवानिवृत्त हैं।
बुआ थी अजमेर में शिक्षक
सोफिया कॉलेज प्राचार्य डॉ. सिस्टर पर्ल ने बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर के पिता की बहन देवेंद्र कौर कई साल पहले कॉलेज में शिक्षिका रहीं। सरकारी सेवा में चयन के बाद उन्होंने कॉलेज की नौकरी छोड़ दी थी। कौर के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर वह बंद मिला।
पुलिस की टीम भी पहुंची मकान
लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह का अजमेर से ताल्लुक होने की सूचना पर पुलिस की जिला स्पेशल ब्रांच और पत्रिका टीम वैशाली नगर स्थित 4 क 33 आवास पर पहुंची। बेहद पुराने मकान में मुख्य द्वार पर लॉक लगा मिला। पूछताछ में पड़ौसियों ने बताया कि यहां दो बुजुर्ग महिलाएं रहती हैं। उन्हें सिंह के परिवार के 10-20 साल पूर्व दिल्ली में शिफ्ट होने की जानकारी है।
प्रशासन ने भी की दिनभर मशक्कत
लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह के अजमेर निवासी होने की जानकारी मिलने पर गुरुवार को जिला प्रशासन दिनभर मशक्कत में जुटा रहा है। जिला कलक्टर प्रकाश पुरोहित तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर कैलाश चंद शर्मा ने कई जगह सम्पर्क कर जानकारी जुटाई। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी से इस मामले में सम्पर्क किया गया लेकिन उनके स्तर पर कोई पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद सैनिक कल्याण विभाग के जयपुर कार्यालय से भी सम्पर्क साधा गया। बाद में विभाग के अधिकारियों ने इस मामलें में दिल्ली मुख्यालय से ही स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार करने को कहा।
सैनिक कल्याण बोर्ड के पास नहीं रिकॉर्ड
जिला सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष कप्तान अशोक तिवारी ने बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर के अजमेर में कोई निवास होने की जानकारी बोर्ड के पास नहीं है। उन्होंने जयपुर स्थित दक्षिण पश्चिम कमान और नसीराबाद छावनी स्टेशन से भी सूचना मांगी, लेकिन कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है।
Published on:
10 Dec 2021 08:49 am

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