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हिस्ट्रीशीटर संजय मीणा तीन साथियों सहित गिरफ्तार, टली गैंगवार

जयपुर की सीएसटी, जिला स्पेशल टीम व अलवर गेट थाना पुलिस ने दबोचा, आरोपियों से बरामद किए हथियार, जयपुर में मीणा के साथी की गिरफ्तारी से मिला था इनपुट

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अजमेर

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Manish Singh

Aug 15, 2021

हिस्ट्रीशीटर संजय मीणा तीन साथियों सहित गिरफ्तार, टली गैंगवार

हिस्ट्रीशीटर संजय मीणा तीन साथियों सहित गिरफ्तार, टली गैंगवार

अजमेर. शहर के दो भू-माफिया गिरोह में एक दशक से चली आ रही रंजिश में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। जयपुर क्राइम ब्रांच स्पेशल टीम की मदद से जिला स्पेशल टीम व अलवरगेट थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर संजय मीणा व उसके तीन साथियों को पकडऩे में कामयाबी हासिल की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दो गुटों में गैंगवार टल गई। पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार, कारतूस बरामद किए हैं। गिरोह दुश्मन गैंग वरूण चौधरी व उसके गुुर्गों पर घात लगाने की फिराक में था। पुलिस आरोपियों से पड़ताल में जुटी है।
पुलिस अधीक्षक जगदीशचन्द्र शर्मा ने बताया कि जयपुर सीएसटी, अलवरगेट थाना पुलिस व जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हथियारों के साथ कुख्यात हार्डकोर अपराधी कालू की ढाणी बी-ब्लॉक निवासी संजय कुमार मीणा और उसके तीन साथी दौसा महुआ सलेमपुर निवासी लोकेश मीणा, करौली टोडाभीम शादपुरा निवासी शेर सिंह उर्फ शेरू मीणा व श्रीनगर मोलाबक्श बिल्डिंग पंजू पान वाले के पास रहने वाले विकास शर्मा उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनसे पांच हथियार व 29 कारतूस बरामद किए। आरोपियों के खिलाफ आम्र्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है।
सूचना पर दी थी दबिश

एसपी शर्मा ने बताया कि अवैध हथियारों की तस्करी व गैंगवार की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में शनिवार को जयपुर सीएसटी ने अवैध हथियार के संबंध में दी गई सूचना पर अलवर गेट थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संजय मीणा के ठिकानों पर दबिश दी। शुरुआत में मीणा और उसके साथी नहीं मिले, लेकिन थोड़ी मशक्कत के बाद संजय अपने तीन साथियों के साथ पकड़ा गया।

चौधरी गैंग पर हमले की थी साजिश
एसपी शर्मा ने बताया कि हार्डकोर अपराधी संजय मीणा से पूछताछ में सामने आया कि धर्मेन्द्र चौधरी हत्याकांड से वरूण चौधरी गैंग से उसकी सालों से रंजिश चल रही है। वरूण चौधरी गैंग ने उसके दोस्त रामकेश मीणा व विक्रम शर्मा की हत्या कर दी। वर्तमान में चौधरी गैंग के कई गुर्गे जमानत पर हैं। अपने बचाव व वारदात अंजाम देने के लिए हथियार मंगवाए गए। गिरोह सही समय पर नहीं पकड़ा जाता तो अजमेर में एकबार फिर गैंगवार होना तय था।

पांच हथियार, 29 कारतूस बरामद
एसपी शर्मा ने बताया कि जयपुर सीएसटी ने आरोपियों को दबोचने से पहले जयपुर में संजय मीणा के साथी पप्पू मीणा को हथियार के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपियों के हथियार लेकर अजमेर जाने की सूचना मिली तो उनका पीछा कर अजमेर पहुंचे। यहां पुलिस ने संजय और उसके साथियों से एक देशी बंदूक (हत्था), तीन देशी कट्टे, एक पिस्टल और 29 जिन्दा कारतूस बरामद किए।

लंबा है आपराधिक रिकॉर्ड

हार्डकोर अपराधी संजय मीणा के खिलाफ सिविल लाइन, सदर कोतवाली, क्लॉक टावर, रामगंज आदर्शनगर, अलवरगेट व क्रिश्चियनगंज थाने में हत्या, हत्या का प्रयास, आम्र्स एक्ट, अवैध वसूली के 16 प्रकरण शामिल हैं। लोकेश के खिलाफ जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर में मारपीट व आम्र्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। जबकि शेरसिंह उर्फ शेरू के खिलाफ अलवर, दौसा, करौली में चोरी, आम्र्स, मारपीट के 7 मुकदमे दर्ज हैं। विकास शर्मा के अलवर गेट व गंज थाने में 4 मुकदमे दर्ज हैं।
यह थे टीम में शामिल

कार्रवाई में सीओ (साउथ) मुकेश सोनी के नेतृत्व में अलवरगेट थानाप्रभारी सुनिता गुर्जर, हैड कांस्टेबल शिवकुमार, रामनिवास, पप्पीराम, धनपाल, मनोजकुमार, सुखराम, रामनरेश, मुरारीलाल, ओमप्रकाश, सुधीर कुमार शमिल थे। क्राइम स्पेशल टीम जयपुर में एएसआई दीपक त्यागी, सिपाही गिरधारीलाल, विकास कुमार, जितेन्द्र, अजमेर जिला स्पेशल टीम से प्रभारी दिनेश कुमार, एएसआई बीरमदेव गुर्जर, हैड कांस्टेबल देवेन्द्रसिंह, आशीष गहलोत, सिपाही सुनील मील व जोगेन्द्र सिंह, महिपाल सिंह, गजेन्द्र मीणा व अजीत सिंह शामिल थे।

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