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पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील पर भारी शिक्षा विभाग का ‘फरमान’, ऑनलाइन विकल्प छोड़ 300 अफसरों को बीकानेर बुलाया

पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही 7 दिन में दो बार पेट्रोल-डीजल बचाने की देशव्यापी सार्वजनिक अपील का राजस्थान के शिक्षा विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा है। शिक्षा निदेशालय बीकानेर में आज एसीएस की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में 350 शिक्षा अधिकारियों को व्यक्तिशः बुलाया गया है।

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Directorate of Education, Bikaner

शिक्षा निदेशालय बीकानेर

Education Department Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही 7 दिन में दो बार पेट्रोल-डीजल बचाने की देशव्यापी सार्वजनिक अपील का राजस्थान के शिक्षा विभाग पर कोई असर नहीं पड़ा है। राज्य सरकार के शिक्षा निदेशालय बीकानेर में अतिरिक्त मुख्य शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली बैठक में प्रदेश भर के शिक्षा अधिकारियों को व्यक्तिशः बुलाया गया है।

हालांकि विभाग के पास इस बैठक को वर्चुअल मोड पर आयोजित करने का विकल्प होने के साथ ही जिला स्तर पर पर्याप्त तकनीकी संसाधन मौजूद है। सरकारी आदेश के चलते अब प्रदेश के सभी 41 जिलों से करीब साढ़े 300 शिक्षा अधिकारी वाहनों के जरिये बीकानेर पहुंचेंगे।

एसीएस लेंगे मीटिंग

शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव द्वारा जारी आदेशानुसार गुरुवार को विद्यालय भवनों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाए जाने के संबंध में एसीएस शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में शिक्षा निदेशालय में प्रातः 10 बजे बैठक रखी गई है। पूर्व में यह मीटिंग शिक्षा संकुल, जयपुर में आयोजित होनी थी, जिसका स्थान बदलकर बीकानेर किया गया है।

प्रदेश भर से बुलाए शिक्षा अधिकारी

राज्य सरकार द्वारा बैठक के लिए 8 बिंदुओं का एजेंडा जारी कर प्रदेश भर के सभी माध्यमिक व प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारियों सहित सभी जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, सभी 9 संभागों के संयुक्त निदेशक व उनके कार्यालयों में पदस्थ अधिशासी अभियंताओं को बीकानेर बुलाया गया है। इन सभी संवर्गों के अधिकारियों का प्रदेशभर का आंकड़ा 350 के लगभग बैठता है।

निजी-अनुबंधित वाहनों से होगी यात्रा

प्रदेश के विभिन्न जिलों से बीकानेर के लिए सीधी रोडवेज सेवा व रेलमार्ग नहीं होने से करीब 90 फीसदी अधिकारी निजी-सरकारी अथवा कार्यालयों के अनुबंधित वाहनों से ही बीकानेर की यात्रा करेंगे। बीकानेर से सबसे दूरस्थ जिलों में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उद‌यपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, बालोतरा, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर जैसे जिले शामिल हैं। जहां से बीकानेर के लिए कोई सीधी व एक्सप्रेस बस अथवा रेलसेवा नहीं है। जबकि सभी अधिकारियों को को गुरुवार प्रातः 10 बजे अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित होना है।

वीसी के रूप मौजूद था विकल्प…

उधर, विभागीय जानकारों के अनुसार प्रधानमंत्री की अपील के मद्देनजर इस बैठक के लिए विभाग के पास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का भी बेहतर और मुफ्त का विकल्प मौजूद था। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षा विभाग के ही लाखों की लागत से निर्मित डीएलएसआर (डिजिटल लर्निंग सोल्यूशन रूम) कार्यशील होने के साथ ही जिला कलक्ट्रेट में डीओआइटी के मीटिंग रूम भी उपलब्ध है। जहां शिक्षा विभाग के अफसरों की मीटिंग वीसी के जरिये ली जा सकती थी। जबकि 6 अन्य राज्य स्तरीय अधिकारियों को मीटिंग में ऑनलाइन जुड़ने के निर्देश हैं।

इधर, देर शाम मैसेज जारी

रोचक यह कि इतनी बड़ी तादाद में राज्य भर से अधिकारियों द्वारा वाहनों से बीकानेर पहुंचने की संभावना के मद्देनजर बुधवार देर शाम शिक्षा निदेशालय के ही चैनल ग्रुप में एक मैसेज जारी कर अफसरों को 'यथासंभव बस, रेल आदि सार्वजनिक वाहनों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। निदेशालय के किन्हीं अनिल शर्मा द्वारा जारी किया गया व्हाट्सेप गैसेज प्रदेश के सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों के भेजा गया है।