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बेरंग रही पुलिस की होली, अफसर पहुंचे. .जवानों ने किया बहिष्कार

पुलिस लाइन में सिर्फ पुलिस अफसरों ने खेली होली, धरी रह गई तैयारियां

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अजमेर

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Manish Singh

Mar 16, 2025

बेरंग रही पुलिस की होली, अफसर पहुंचे. .जवानों ने किया बहिष्कार

पुलिस के जवानों की ओर से पुलिस लाइन मुख्यद्वार पर गुलाल से लिखा होली का बहिष्कार। पत्रिका

अजमेर(Ajmer News). होली के त्योहार पर 48 घंटे की ड्यूटी के बाद शनिवार को खेली गई पुलिस की होली फीकी रही। पुलिस लाइन में अफसर रंग, गुलाल में सराबोर होकर धमाल के लिए बैठे रहे लेकिन सहायक उप निरीक्षक से जवानों तक ने पुलिस की होली से दूरी बनाए रखी। उन्होंने पुलिस होली का बहिष्कार किया। निचले स्तर के अधिकारियों ने बातचीत से समझाइश का प्रयास किया लेकिन 11 सूत्री मांगपत्र पर सहमति नहीं बन सकी। आखिर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जवानों के साथ होली खेले बिना ही लौट गए।

शनिवार सुबह से पुलिस लाइन में होली की तैयारियां की गई थीं। लेकिन यहां मौजूद पुलिस अधिकारियों में माहौल ठंडा नजर आया। पुलिस उप महानिरीक्षक अजमेर रेंज ओमप्रकाश के सम्भागीय आयुक्त, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा पहले रंग में सराबोर होकर पहुंचे। लेकिन यहां सिर्फ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा समेत अन्य एएसपी, वृत्ताधिकारी व थानाधिकारी ही मौजूद थे। पुलिस अफसर एक-दूसरे के रंग-गुलाल लगाकर कुछ देर डीजे पर थिरकने के बाद लौट गए। जबकि इस दौरान पुलिस के जवान थानों में ड्यूटी पर मौजूद रहे।

गुलाल से लिखा ‘बहिष्कार’. . .

शनिवार को पुलिस की होली के लिए पुलिस लाइन, यातायात शाखा व पुलिस थानों में तैयारियां कर ली गई थीं। प्रदेश भर में मांगों को लेकर में सामूहिक रूप से बहिष्कार का फैसला करने पर तमाम तैयारियां धरी रह गई। पुलिस लाइन के प्रवेश द्वार पर जवानों ने लाल गुलाल से ‘बहिष्कार’ लिखकर होली का बहिष्कार किया। हालांकि आलाधिकारियों ने बातचीत का प्रयास किया लेकिन पुलिस के जवान प्रदेश स्तर पर हुए फैसले पर डटे रहे।

नहीं थी बहिष्कार की सूचना

डीआईजी ओमप्रकाश ने बताया कि अजमेर रेंज में होली का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दो दिन के त्योहार के दूसरे दिन पुलिस की होली खेली जाती है। इसमें पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। पुलिस लाइन में सालों से आयोजन होते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबको अपनी बात कहने और रखने का अधिकार है। बहिष्कार की उनको सूचना नहीं मिली।

यह प्रमुख मांगें

1-पुलिस कांस्टेबल का ग्रेड पे 3600 किया जाए।

2-कांस्टेबल से निरीक्षक के पद तक विभागीय पदोन्नति।

3-प्रदेश की जनसंख्या के अनुसार पुलिस की नफरी बढ़ाई जाए।

4-जवानों को हार्ड ड्यूटी अलाउंस के अलावा मासिक रिस्क अलाउंस 5 हजार दिया जाए।

5- जवानों को मैस भत्ता 5 हजार रुपए दिया जाए।

6-पुलिस कर्मियों को भी साप्ताहिक अवकाश दिया जाए।

7-जवान को वर्दी भत्ता एक हजार वार्षिक निर्धारित हो।

8-स्थानान्तरण पॉलिसी में बदलाव किया जाए।

9-साइकिल भत्ता 150 रुपए बंद कर 10-15 लीटर पेट्रोल प्रतिमाह दिया।

10-पुलिसकर्मियों को थाने में पदस्थापन पर एक हजार रुपए दिए जाएं।

11-आरएसी की कम्पनी के रोटेशन प्रणाली में भी बदलाव किया जाए।

क्या है पुलिस की होली

परम्परानुसार होली पर होलिका दहन से धुलंडी पर देर रात तक पुलिस अफसर और जवान आमजन की सुरक्षार्थ ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं। करीब 48 घंटे लगातार ड्यूटी के बाद धुलंडी के दूसरे दिन पुलिस अफसर जिले के जवानों के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस लाइन में होली खेलते हैं।

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