
milk supply in ajmer
अजमेर. अजमेर सरस डेयरी के सभागार में गुरुवार को सिंघावल, टांटोटी व देवांस बीएमसी के सदस्य, सचिव व यहां दूध देने वाले दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने कहा कि अजमेर डेयरी का वर्तमान स्वरूप पशुपालकों के साथ व डेयरी प्रबंधन की मेहनत का ही परिणाम है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना में जब बजट में प्रति लीटर 5 रुपए संबल राशि देने की घोषणा की तो प्राइवेट डेयरी व अन्य संघों ने पशुपालकों को भ्रमित करना शुरू कर दिया था, लेकिन हमारे विश्वास के साथ पशुपालकों का विश्वास हमेशा कायम रहा यह बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि अजमेर डेयरी की ओर से जयपुर व भीलवाड़ा के मुकाबले पशुपालकों को दूध का अधिक मूल्य दिए जा रहा है। पशुपालक किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें और सरस डेयरी में अधिक से अधिक दूध देकर उचित मूल्य प्राप्त करें।
चौधरी ने कहा कि नवीन प्लांट में पशुपालकों को डेयरी से जोड़ने में काफी संघर्ष रहा, लेकिन अब संघर्ष का परिणाम आप सबके सामने है। चौधरी ने विश्वास दिलाया कि डेयरी प्रबंधन किसानों व पशुपालकों के साथ है। पशुपालकों को अपने काम का पूरा मेहनताना मिले, इसका पूरा प्रयास रहेगा।केन्द्र ने नहीं सुनीं तो फिर बढ़ाएंगे खरीद मूल्य
चौधरी ने पशुपाल महिलाओं व पुरुषों को आश्वस्त किया कि चारे व भूसे पर अगर केंद्र सरकार कोई सकारात्मक रवैया नहीं रखती है, तो एक बार पुनः दूध खरीद के मूल्य पर विचार किया जाएगा।
दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन
चौधरी ने किसानों को एमपी, यूपी और हरियाणा की भाजपानीत सरकार द्वारा भूसे पर प्रतिबंध लगाने की बात भी साझा की, उन्होंने कहा कि अगर इस प्रतिबंध को नहीं हटाया गया तो दिल्ली में केंद्र सरकार का ध्यान दिलाने के लिए जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस मौके पर कार्यवाहक एम.डी.रामलाल चौधरी, सहायक प्रबंधक ( सेवानिवृत्त )अशोक महला आदि ने भी पशुपालकों को पशुओँ के आहार व पालन के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की।
संबल राशि सहित बैंक खाते में पहुंचा दूधियों का का पैसा
अजमेर. अजमेर सरस डेयरी हाईटेक होकर डिजिटलाइजेशन का पूरा उपयोग करते हुए पशुपालकों को अपने दूध बेचान की राशि सीधे उनके बैंक खातों में स्थानांतरण करने का निर्णय किया हैं। इसे गुरुवार को साकार रूप दिया गया। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना में 5 रुपए प्रति लीटर की राशि का भुगतान करते हुए अप्रेल माह का संपूर्ण बकाया पशुपालकों के खातों में स्थानांतरित कर दिया गया है। 350 समितियों की 4 करोड़, 80 लाख रुपए की राशि डेयरी प्रबंधन द्वारा बैंक में जमा करवा दी गई है। लगभग डेढ़ सौ समितियों से जुड़े सदस्य व दुग्ध उत्पादको के खाते में यह राशि स्थानांतरित की गई। शेष 200 समितियों के द्वारा बैंक की व डेयरी की कागजी कार्रवाई पूर्ण नहीं होने के कारण उनका भुगतान रोका गया हैं उसे जल्द ही इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। 350 समितियों से लगभग 36 हजार पशुपालक जुड़े हुए हैं ,जिनके खातों में अप्रेल माह की संपूर्ण राशि स्थानांतरित कर दी गई है।
Published on:
08 May 2022 07:04 am
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