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संभाग के सबसे बड़े अधिकारी के सामने हो रहा यह काम, लेकिन नहीं ले रहा इन पर कोई एक्शन

संभाग के सबसे बड़े अधिकारी के दफ्तर के सामने सैशन कोर्ट के बाहर धडल्ले से दुपहिया वाहनों को पार्क कराकर शुल्क वसूली का 'खेल चल रहा है।

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अजमेर . संभाग के सबसे बड़े अधिकारी के दफ्तर के सामने सैशन कोर्ट के बाहर धडल्ले से दुपहिया वाहनों को पार्क कराकर शुल्क वसूली का 'खेल चल रहा है। दूसरी ओर जिम्मेदार आंखें मूंदें बैठे हैं। यह हालात अजमेर के जयपुर रोड स्थित सैशन कोर्ट के बाहर के हैं। अदालत समय के दौरान यहां मुख्य मार्ग पर रोजाना सैकड़ों दुपहिया वाहन पार्क कर दिए जाते हैं। इससे यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। साथ ही यहां मार्ग संकरा होने के कारण दिन में कई बार यातायात जाम हो जाता है। वाहनों की कतार दादाबाड़ी मोड से दुपहिया वाहन शोरूम तक लग जाती है।

बरसों से है पार्किंग की समस्या अजमेर सेशन कोर्ट से सटे जयपुर रोड व दादाबाड़ी मोड कुंदननगर मार्ग पर दुपहिया व चौपहिया वाहनों की पार्किंग पिछले कई वर्षों से की जाती रही है। जयपुर रोड पर सैशन कोर्ट के सभी तीनों प्रवेश द्वारों के बाहर वाहन पार्क किए जाते हैं। यह सिलसिला दादाबाड़ी मोड़ से शुरू होकर सेशन कोर्ट की परिधि से भी आगे मिलिट्री स्कूल के जयपुर रोड वाले गेट तक चलता है।

तीन पार्किंग बनाई
यहां कथित ठेकेदार के कर्मचारी तीन जगह आयकर भवन के सामने, संभागीय आयुक्त भवन के सामने व संयोगिता नगर मैदान के सामने वाले हिस्से में कोर्ट की चार दिवारी के बाहर वाहन खड़े करने के शुल्क वसूलते हैं। यह शुल्क 10 से 20 रुपए तक होता है। अधिक देरी होने पर ज्यादा वसूली करने में भी नहीं हिचकिचाते हैं।

नाले की पुलिया पर वाहनों का जमघट
जयपुर रोड से तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को वाहनों की रेलमपेल के बीच तेजी से ब्रेक लगाने पड़ते हैं। कई बार यहां वाहन टकरा जाते हैं। कुछ समय यहां नाले के पास कचौरी वाला ठेला भी खड़ा होता है। उसके ग्राहकों के वाहन भी मुख्य मार्ग पर खड़े होने से यहां भी दुर्घटना संभावित क्षेत्र बन जाता है।

कोर्ट परिसर भी ठसाठस अजमेर के तत्कालीन जिला न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा ने केन्द्रीय सुरक्षा ऐजेंसी के एक पत्र का हवाला देते हुए सैशन कोर्ट परिसर में सुरक्षा की दृष्टिगत वाहनों की पार्किंग को निषेध कर दिया था। इसके चलते अदालत परिसर में वकीलों, स्टाफ व आमजन के वाहन नहीं पार्क किए जा सकते थे। बाद में वकीलों की मांग के बाद व्हाइट लाइनिंग कर वाहनों को उस लाइन के भीतर रखने को कहा गया, लेकिन अब इसकी पालना नहीं हो रही।

पार्किंग बंद होने से बढ़ी समस्या

सैशन कोर्ट परिसर के सामने संयोगिता नगर के मैदान में वाहन पार्क किए जाने से वकीलों को राहत थी, लेकिन पिछले कुछ माह से यहां निर्माण कार्य चलने के कारण वाहन सड़कों पर पार्क किए जा रहे हैं। बार पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय ऐसे ही गुजारना होगा। नया भवन बनने के बाद पार्किंग भूमिगत होने के बाद ही समस्या का स्थायी हल निकल सकेगा।