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दुर्लभ है यह इंडियन ईगल आउल, चल रहा है जनाब का इलाज

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indian eagle owl

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अजमेर.

जयपुर रोड स्थित एक फार्म हाउस में घायल मिले इंडियन ईगल आउल (उल्लू) का उपचार जारी है। वन विभाग ने उसके पंख पर दवा-पट्टी कराई है। उल्लू ने पंख फैलाकर उडऩे का प्रयास किया, लेकिन चोटिल होने से वह ज्यादा सफल नहीं हो सका।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव महेंद्र सिंह रलावता के जयपुर रोड स्थित फार्म हाउस पर हाल में मंगलवार को इंडियन ईगल आउल (उल्लू) घायल अवस्था में मिला था। रलावता ने तत्काल पत्रिका को इसकी सूचना दी। पत्रिका की सूचना पर वन विभाग के रेंजर सुधीर माथुर ने सहायक वनपाल जयसिंह और अन्य को मौके पर भेजा। विभाग ने उल्लू के पंख पर गंभीर चोट का उपचार किया।

आउल को रखा घूघरा नर्सरी में
रवन विभाग के रेंजर सुधीर माथुर ने बताया कि इंडियन ईगल आउल को घूघरा स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती नर्सरी में रखा है। दो-तीन दिन में उसने पंखा फैलाकर उडऩे का प्रयास किया। पंख पर चोट और पट्टी बंधने से वह उडऩे में सफल नहीं हो पाया। एक-दो दिन उसका उपचार किया जाएगा। स्वस्थ होने के बाद उप वन संरक्षक से बातचीत की जाएगी। इसके बाद उसे वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।

यह होता है इंडियन ईगल आउल....
अजमेर जिले के नसीराबाद कस्बे के निकट शोकलिया क्षेत्र में खेतों-हरे घास के मैदानों में इंडियन ईगल आउल पाया जाता है। गिरगिट, चूहा, सांप, गिलहरी और अन्य जीव इसका भोजन होते हैं। फसलों को इन जीवों से बचाने के कारण किसानों का यह बेहद प्रिय मित्र होता है। आकार में यह चील और बाज से कुछ बड़ा अथवा इनके बराबर होता है।