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VIDEO पुष्कर शर्मसार- इजरायली कपल ने पुष्कर के हनुमान मंदिर में किया एक-दूसरे को

पुष्कर के पुराने रंगनाथ मंदिर के पिछवाड़े मे रविवार की शाम इजरायल के एक विदेशी युगल ने हिन्दू रिती से विवाह करने का स्वांग करते हुए अश्लील हरकतें कर डाली

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ajay yadav

Oct 17, 2016

kiss in temple

kiss in temple

पुष्कर के पुराने रंगनाथ मंदिर के पिछवाड़े मे रविवार की शाम इजरायल के एक विदेशी युगल ने हिन्दू रिती से विवाह करने का स्वांग करते हुए अश्लील हरकतें कर डाली तथा भारतीय विवाह पद्धति का जमकर मखौल उड़ाया।

खास बात तो यह विवाह रूपी मनोरंजन का खेल बालब्रह्मचारी हनुमान मंदिर के सामने किया गया तथा मौके पर मौजूद पंडित व युवकों ने इसे रोकने की कोशिश तक नहीं की बल्कि दक्षिणा के फेरे में आशीर्वाद देते रहे।

इजरायल का ईडन व जुलिया नामक इस विदेशी युगल ने करीब तीन वर्ष पूर्व उनके धर्म के अनुसार विवाह कर लिया था। पुष्कर आने के बाद युगल ने रविवार को हिन्दू रिती से विवाह करने का कार्यक्रम तय किया। रविवार की शाम पुराने रंगनाथ मंदिर के पिछवाड़े में हनुमान मंदिर के पास हवन की व्यवस्था की गई तथा पंडित ने अग्रि प्रजवल्लित करके विदेशी युगल के हिन्दू रिती से विवाह कराने का सारा तामझाम जमा दिया गया।

युगल ने भी डे्रस पहनी तथा हिन्दू रिती से विवाह करने का स्वांग किया। बकायदा सात फेरे दिलाए गए तथा हथलेवा की रस्म भी अदा की गई। विवाह होने के साथ ही विदेशी युगल की हिन्दू रितीनीति के प्रति जताई गई भावना काफूर हो गई।

देखते ही देखते हनुमान मंदिर के सामने विदेशी युगल ने एक दूसरे को बाहों में भर लिया तथा सरे आम एक दूसरे को चूमने लग गए तथा यह दृष्य कई बार दोहराया गया। मौके पर मौजूद पंडित व विवाह के साक्षी बने स्थानीय लोगों की साक्षी मे हिन्दू परम्परा का खुलकर मखौल उड़ाया गया।

ऐसे उड़ाया जाता है हिन्दू विवाह की रस्म का मखौल - पुष्कर में आने वाले विदेशी पर्यटकों को यहां स्थानीय युवक दक्षिणा के रूप में अच्छी खासी रकम कमाने के फेर में अग्रि के सात फेरे लेकर विवाह करने की सलाह देते रहे है। पर्यटक इसे एक एक्सपीरियन्स के रूप में लेता है तथा विवाह कराने, सामग्री, ब्राह्मण भोजन व पंडितों को दक्षिणा देने के लिए रजामंद हो जाता है।

बस इसके बाद भारतीय परम्परा के अनुसार विवाह करने का मखौल उड़ाया जाता है। कई बार तो बारात निकाली जाती है स्थानीय युवकों कों बाराती के रूप में निमंत्रण देकर भोजन कराया जाता है। विवाह मण्डप सजाया जाता है तथा अॢग्र के सात फेरे लगाकर विवाह की रस्म कराई जाती है।

पुरूष पर्यटक उसकी महिला साथी की मांग भरता है। विवाह का सारा तामझाम किया जाता है तथा पंडित के भी दक्षिणा के रूप में अच्छी खासी आमद हो जाती है। स्थानीय मिडिया व पत्रकार भी आयोजन को लेकर पर्यटकों को हिन्दू संस्कृति अच्छी लगने के समाचार प्रकाशित करते आए है लेकिन विदेशी पर्यटक के लिए यह आयोजन मात्र मनोरंजन के सिवाय कुछ नहीं होता है।

कुछ समय में ही युगल मौके पर ही बाहों में बांहे डालकर पाश्चात्य संस्कृति में डूबा नजर आता है तथा एक दूसरे को किस करके भारतीय परम्परा का मखौल उड़ाया जाता है। इस प्रकार के आयोजनो को लेकर पवित्रता नष्ट करने के आरोप में पर्यटकों के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज हो चुके है। पहले तो पुरोहित भी रोष करते थे लेकिन धीरे धीरे सबकुंछ सामान्य हो गया है तथा धार्मिक पुष्कर नगरी में हिन्दू संस्कृति का मखौल उड़ाना बदस्तूर जारी है।

हनुमान प्रतिमा की साक्षी में फेरो का नाटक-विदेशी युगल के विवाह का कार्यक्रम बाल ब्रह्मचारी कहे जाने वाले राम भक्त हनुमान के मंदिर के सामने किया गया तथा विदेशी युगल मर्यादा तार तार करता रहा।

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