सुबह 6 बजे से ही डीजे की धुनों पर कावडि़ए नाचते-गाते दिख रहे हैं। बरसात में भीगते हुए कावड़ यात्रा निकाल रहे हैं।
शिवालय बोल बम के जयकारे गूंज रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में गाजे-बाजे के साथ कावड़ यात्रा निकाली जा रही हैं। कावडि़ए बरसात में नाचते-गाते साथ चल रहे हैं। मंदिरों में मंत्रोच्चार से रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और पूजन का दौर शुरू हो गया है।
शहर के वैशाली नगर, कोटड़ा, आदर्श नगर, झरनेश्वर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, शांतिपुरा, मदार गेट, रामगंज, केसरगंज, बिहारी गंज, नया बाजार, आंतेड़, आगरा गेट और अन्य शिवालयों में लोगों ने सुबह से बिल्व पत्र, पुष्प, हल्दी-चंदन, दूब, दूध और अन्य सामग्री से पूजा-अर्चना हो रही है। कई जगह मंत्रोच्चार और रुद्रिपाठ के साथ जलाभिषेक, रुद्राभिषेक किया गया। महिलाओं और पुरुषों ने व्रत-उपवास रखा। मंदिरों में भागवन शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी का श्रंगार किया गया है।
विदेशी फूलों से सजेगा ब्रह्मा-गायत्री का दरबार
पुष्कर. ब्रह्मा मंदिर में सावन मास के सोमवार 31 जुलाई को ब्रह्माजी एवं गायत्री माता के विग्रहों को विदेशी फूलों से महाशृंगार किया जाएगा।
पुजारी कृष्ण गोपाल वशिष्ठ ने बताया कि सुबह विशेष पूजा अभिषेक एवं भव्य शृंगार कर भगवान की महाआरती की जाएगी। मंदिर परिसर को थाईलैण्ड, वृंदावन मथुरा, कोलकाता, नासिक, बैंगलूरू दिल्ली एवं अन्य शहरों से मंगवाए गए फूल विभिन्न प्रकार की पत्तियों, केले के पत्ते, घास ऐरिका, कामिनी, फूलों, टाटा, जाफरी, कलकती, मोगरा, झरमरा, रजनीगन्धा, हजारा, एन्थोरियम, ऑरकेट, जिप्सो, कारनिसन, कनेर, कमल के पुष्प, डोडी फूलों से सजावट की जाएगी।
सजावट के लिए 28 जुलाई से ही 35 कारीगर मंदिर में सजावट की तैयारियों में जुटे हुए हैं। यह आयोजन दिल्ली के चांदनी चौक निवासी फूल व्यवसायी बाबूलाल सैनी, ज्ञानचन्द सैनी की ओर से कराया जाएगा। गौरतलब है यजमान परिवार लगातार दो साल से ब्रह्मा मंदिर में फूलों से सजावट, शृंगार व फूल बंगला सजा रहे हैं।