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80 फुट से अधिक चौड़ी सड़क पर भूमि का हो सकेगा मिश्रित उपयोग

मास्टर डवलपमेंट प्लान-2013-2033 को मिली मंजूरीएडीए के अन्तर्गत आने वाले 78 गावों का मास्टर प्लान लागू शहर के सुनियोजित विकास को मिलेगी गति

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अजमेर.अजमेर विकास प्राधिकरण ada ने करीब सात साल से लम्बित चल रहे अजमेर मास्टर डवलपमेंट प्लान-2033 master plan को मंजूरी दे दी है। मास्टर प्लान में पुष्कर व किशनगढ़ 40 गावों को छोड़ते हुए प्राधिकरण के अन्र्तगत आने वाले 78 गावों को शामिल कर अजमेर मास्टर डवलपमेंट प्लान नवीन प्रारूप 2013-2033 को स्वीकृति प्रदान की गई। प्राधिकरण की सोमवार को जवाहर रंगमंच सभागार में प्राधिकरण अध्यक्ष प्रकाश राजपुरोहित की अध्यक्षत में आयोजित 17 वीं बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान को मंजूर किया गया। नवीन मास्टर प्लान के अनुसार अब 80 फुट व 80 फुट feet wide से अधिक चौड़ी सड़क पर भूमि का मिश्रित mixed use उपयोग किया जा सकेगा। आवासीय एवं व्यावसायिक दोनो तरह के निर्माण हो सकेंगे। इससे एकरूपता रहेगी तथा आमजन को राहत मिलेगी,बाजार-व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी। अधूरे प्रोजेक्ट को गति मिलेगी। शहर का सुनियोजित विकास होगा।

भूमि सम्बन्धी प्रकरण निस्तारण में होगी आसानी
नवीन मास्टर प्लान के तहत सड़क की चौडाई के डेढ़ गुना गहराई तक आवासीय वाणिज्यिक एवं संस्थानिक भू-उपयोग स्वीकृत किया गया है। मास्टर प्लान प्रस्ताव में डवलपमेंट प्रमोशन्स एंड कंट्रोल रेग्यूलेशन, डीपीसीआर का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसके अन्तर्गत सड़क की चौड़ाई के अनुसार विभिन्न भू-उपयोग स्वीकृत किए जा सकेंगे। इससे भूमि संबंधी प्रकरणों के निस्तारण में आसानी होगी।

शहर में बढ़ेगा मॉल कल्चर
प्राधिकरण आयुक्त के अनुसार मास्टर प्लान प्रस्तावों में विभिन्न स्थलों पर विशेष प्रकार की टाउनशिप अथवा सिटी प्रस्तावित की गई है। इनमें फेस्टिवल सिटी एवं पर्यटन सिटी, कॉरपोरेट पार्क, मॉल, स्पोर्टस सिटी, नोलेज सिटी, ट्रांसपोर्ट हब तथा ऑटोमोबाईल हब शामिल है। इसे शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। पयर्टन को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार में बढ़ोतरी होगी। शहर में मॉल कल्चर को बढ़ावा मिलेगा।

725 आपत्तियों का हुआ निस्तारण

मास्टर प्लान को लागू करने के लिए प्राधिकरण आयुक्त रेणू जयपाल ने 8 सितम्बर को मास्टर प्लान का प्रारूप जारी कर आमजन से ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आपत्तियां मांगी थी। कुल 725 आपत्तियों का निस्तारण कर तथा मौका निरीक्षण कर मास्टर प्लान को अंतिम रूप दिया गया है। मास्टर प्लान लागू होना प्राधिकरण की नव वर्ष की बड़ी उपलब्धी मानी जा सकती है। अजमेर मास्टर प्लान से अजमेर रीजन के लिए अधिसूचित किए 118 ग्रामों में से किशनगढ़ मास्टर प्लान-2031 के 25 ग्राम एवं पुष्कर मास्टर प्लान-2031 के 15 ग्राम कुल 40 ग्रामों के बाहर रखा गया है।

वर्ष 2013-14 से चल रही थी कवायद

प्राधिकरण मास्टर प्लान को लागू करने की कवायद वर्ष 2013-14 में शुरु की थी। राजनीतिक दखंलदाजी के चलत मास्टर प्लान अपने प्रारूप से आगे ही नहीं बढ़ रहा था। 17 दिसम्बर 2013 से 20 जनवरी 2014 तक आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किए जाने के लिए प्रदर्शित किया गया। इस मास्टर प्लान प्रारूप पर कुल 173 आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हुए। इसके बाद अजमेर मास्टर डवलपमेंट 2033 प्रारूप पर पुन: 12 मार्च 2018 को एक माह की अवधि के लिए प्रदर्शित कर,आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रित किए। इस बार 150 आपत्तियां एवं सुझाव प्राप्त हुए। दोनों बार मास्टर प्लान पर प्राप्त कुल आपत्तियों एवं सुझावों की संख्या 323 हो गयी। राज्य सरकार द्वारा 28 नवम्बर 2019 को आदेश जारी कर अजमेर शहर के प्रारूप मास्टर प्लान-2033 के संबंध में प्राप्त आपत्ति एवं सुझाव रिपोर्ट तथा कमिटमेंटस आदि को दृष्टिगत रखते हुए जनहित में वांछित संशोधनों को पूर्व मास्टर प्लान में सम्मिलित करते हुए नवीन प्रारूप मास्टर प्लान तैयार किए जाने के लिए एक समिति का गठन किया गया। इस समिति की 8 बैठकें आयोजित की गयी। समिति द्वारा 31 जुलाई 2020 को इस अनुशंषा के साथ मास्टर प्लान को प्राधिकरण में भिजवाया कि अजमेर मास्टर प्लान 2033 प्रारूप को अंतिम रूप देकर अनुमोदन की कार्यवाही की जानी है। सोमवार की बोर्ड की बैठक में इस मास्टर प्लान को स्वीकृत किया गया।

इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

मास्टर प्लान के अलावा बोर्ड बैठक में अन्य प्रस्तावो को भी मंजूरी दी गई। इनमें प्राधिकरण द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए दीपावली के अवसर पर कार्मिकों को तदर्थ बोनस/ उपहार के प्रस्ताव का अनुमोदन।

प्राधिकरण की विजयराजे सिंधिया योजना में पेयजल सुविधा के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पम्पिंग स्टेशन के लिए करीब 3000 वर्गमीटर भूमि नि:शुल्क आवंटित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊंटड़ा के लिए 4000 वर्गमीटर भूमि के नि:शुल्क आवंटन के प्रस्ताव को मंजरी दी गई। आईओसी (अजमेर मंडल कार्यालय) को रिफ्यूल आउटलेट (पेट्रोल पम्प) के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

पत्रकारों से जुड़े दो अन्य प्रस्ताव भी चर्चा हुई। बैठक में प्राधिकरण आयुक्त रेणू जयपाल, सचिव किशोर कुमार, नगर निगम आयुक्त डॉ.खुशाल यादव तथा अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

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