
memorandum : वकीलों ने रखी सांकेतिक हड़ताल ,ज्ञापन सौंपा
अजमेर. वकालतनामे के टिकिट व अधिवक्ता वेलफेयर की लाइफटाइम फीस में बढ़ोतरी के विरोध में गुरुवार को अजमेर जिला बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रखते हुए विरोध जताया। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कलक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर विधानसभा के फैसले को निरस्त करने की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी ने बताया कि बार कौंसिल की ओर से वकालतनामे पर लगने वाले वेफेयर टिकट शुल्क की राशि 25 रुपए से 100 के स्थान 100 से 200 रुपए कर दिया जबकि अधिवक्ता वेलफर की लाइफटाइम फीस 17 हजार 500 से बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दी गई है। कौंसिल की ओर से किया गया निर्णय गलत है। यह राशि किसी नए अधिवक्ताओं की ओर से जमा करवाना असंभव है। फैसला युवा अधिवक्ताओं के अधिकारों पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई राशि को जल्द वापस नहीं लेने तक जिला बार एसोसिएशन आंदोलनरत रहेगी। त्रिपाठी ने कहा कि उचित लाइफ टाइम वेलफेयर शुल्क का प्रावधान किया जाना चाहिए। इससे आम अधिवक्ता भी लाइफटाइम वेलफेयर सदस्य बन सकेंगे। वेलफेयर फंड के रूप में आजीवन सदस्यता शुल्क और वकालतनाम पर लगने वाले टिकट के शुल्क में बढ़ोत्तरी का भी एसोसिएशन विरोध करती है। निर्णय अधिवक्ताओं व आमजन के हितकारी नहीं है। बढ़े हुए शुल्क को जल्द वापस नहीं लेने तक एसोसिएशन की ओर से आंदोलन किया जाएगा।
बार अध्यक्ष त्रिपाठी के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलक्टर विश्वमोहन शर्मा को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने राज्यपाल से बढ़े हुए शुल्क विधेयक का विरोध करते हुए विधेयक पर साइन ना करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में सचिव समीर काले, संयुक्त सचिव राहुल भारद्वाज बगरू, अजीत कुमार पहाडिय़ा समेत कई अधिवक्तागण मौजूद थे।
Published on:
13 Mar 2020 04:34 pm

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