
budha pushkar near ajmer
ऐतिहासिक बूढ़ा पुष्कर तीर्थ के निकट सुधा बाय कुंड पर मंगलवार को मेला लगा। लोग अपने पूर्वजों के पिंड तर्पण और भूत प्रेत बाधा निवारण के लिए पहुंचे। मंत्रोच्चार से समूचा वातावरण गूंज उठा।
हजारों साल पुराने सुधा बाय कुंड पर मंगलवार सुबह से लोगों की भीड़ जुटनी शुरु हो गई। राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों से लोग अपने पूर्वजों के पिंड तर्पण और पूजा पाठ के लिए पहुंचे।
सुधा बाय कुंड में पुरोहितों ने मंत्रोच्चार से पूजा-अर्चना कराकर पिंडदान कराया। इसके अलावा भूत-प्रेत बाधा से पीडि़त लोग भी कुंड में स्नान करने पहुंचे। उन्हें अजीबो-गरीब हरकतें करते देख कई लोग सहम भी गए।
भगवान राम ने किया था पिंडदान
पौराणिक कथाओं के अनुसार सृष्टि की रचना प्रजापिता ब्रह्मा ने पुष्कर में की थी। हजारों साल पहले सतयुग में भगवान राम भी बूढ़ा पुष्कर और पुष्कर तीर्थ पहुंचे थे। भगवान राम ने अपने पिता अयोध्या के राजा दशरथ का पिंडदान सुधा बाय कुंड में किया था।
यह भी मान्यता है, कि कुंड के पानी विलुप्त हो चुकी सरस्वती नदी और गंगा की धारा मिलती है। इसीलिए इस कुंड की पिंडदान तर्पण और प्रेत बाधा मुक्ति के लिए काफी मान्यता है।
Published on:
31 Jan 2017 12:19 pm

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