
आंतक पर उतारू हुए माफिया, ग्रामीणों पर फिर से फायरिंग
धौलपुर. जिले में पुलिस की बौनी व्यवस्थाओं के आगे बजरी माफिया का कहर जारी है। जहां एक ओर से गुरूवार अलसुबह बजरी माफिया ने ग्रामीणों को फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया, तो वहीं शुक्रवार शाम बजरी माफिया ने कौलारी थाना इलाके में ना केवल ग्रामीणों से मारपीट की, बल्कि फायरिंग करते हुए करीब आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को घायल कर दिया। वारदात के बाद माफिया मौके से फरार हो गए।
कौलारी थाने के गांव जागीरपुरा निवासी मुकेश कुमार शुकवार शाम को बाइक से सवार होकर खेरागढ़ कस्बे से अपने घर आ रहा था। रास्ते में गांव सायपुर में बजरी के ट्रेक्टर पर सवार कुछ माफिया ने पुलिस पर सूचना देने का आरोप लगाते हुए मारपीट कर दी। इस पर मुकेश ने अपने गांव के लोगों को फोन कर बुला लिया, इस दौरान माफिया ने अन्य साथियों को यहां बुला दिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, इस दौरान ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी।
घटना में गांव जागीरपुरा निवासी मुकेश पुत्र जगदीश, जगदीश पुत्र बाबूलाल, जण्डेल पुत्र बाबूलाल, मनोज कुमार, हरी सिंह, शिव सिंह पुत्र जगदीश, विनोद कुमार छर्रा लगने से घायल हो गए। यहां से मौका पाकर माफिया बताया जा रहा है। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का मौका मुआयना करते हुए साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक पड़ताल में बजरी माफिया गांव बछियाना का होना सामने आया है।
गुरूवार को भी की थी ग्रामीणों पर फायरिंग
गुरूवार अलसुबह को सैपऊ थाना इलाके के गांव उमरारे में बजरी माफिया ने खेतों में सिंचाई को बिछी पाइपलाइन को चोरी करने का प्रयास किया। इस पर स्थानीय ग्रामीण एकत्र हो गए और ग्रामीणों और बजरी माफिया में मारपीट हो गई। अन्य ग्रामीणों के पहुंचने पर फायरिंग करते हुए। मौका पाकर कुछ बजरी माफिया ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को लेकर भाग निकले, जबकि तीन ट्रेक्टरों व तीन बजरी माफिया को दबोचकर पुलिस के सुर्पुद कर दिया।
सैपऊ मार्ग से बजरी माफियाओं का आवागमन
ग्रामीणों ने बताया कि सैप ऊ मार्ग पर देर शाम होने के बाद से प्रतिबंधित बजरी के ट्रेक्टर-ट्रॉलियों के निकलने का सिलसिला जारी हो जाता है, जो कि रात भर चलता है। ऐसा नहीं कि इस बात की भनक स्थानीय पुलिस को नहीं है, लेकिन पुलिस सब कुछ देखकर भी मूक दर्शक बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि बजरी के वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार के कारण मार्ग पर हर समय दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
Published on:
10 Jul 2021 01:06 am
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