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Marriage ceremony: शादियों में गूंजेंगी शहनाई, शुरू होंगे मांगलिक कार्य

लोग धूमधाम से शादियां करने को तैयार हैं। इनमें मेहन्दी, हल्दी, सगाई की रस्म, विवाह-पाणिग्रहण संस्कार और अन्य कार्यक्रम शामिल हैं।

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marriage ceremony

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अजमेर. कार्तिक शुक्ल एकादशी यानि रविवार से शहर में बैंड-बाजे और शहनाई गूंजेंगी। वैवाहिक और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। मेहमानों की संख्या पर लगी पाबंदी हटने के बाद आयोजकों और समारोह स्थल संचालकों में खासा उत्साह है।
कार्तिक शुक्ल एकादशी यानि देवऊठनी ग्यारस से शहर और जिले में शादियों की शुरुआत होगी। अबूझ सावा होने से शादियों की धूम रहेगी। इसी दिन तुलसी विवाह भी होंगे। बैंड-बाजे और शहनाई गूंजेंगी।

यूं रहेंगे विवाह मुर्हूत
इस बार नवम्बर में सात और दिसंबर में 10 विवाह मुर्हूत हैं। इसके तहत नवम्बर में 14, 16,20, 21, 28 से 30 तथा दिसंबर में 1, 2, 6 से 9 और 11 से 14 दिसंबर शामिल हैं।

आयोजकों-संचालकों में उत्साह
राज्य सरकार ने कोरोना गाइडलाइंस के अनुसार पहले 200 मेहमान बुलाने की अनुमति दी थी। पिछले दिनों यह पाबंदी हटा दी गई। इसके चलते मेरिज हॉल-भवनों तथा गार्डन-होटल संचालकों और आयोजकों में उत्साह है। लोग धूमधाम से शादियां करने को तैयार हैं। इनमें मेहन्दी, हल्दी, सगाई की रस्म, विवाह-पाणिग्रहण संस्कार और अन्य कार्यक्रम शामिल हैं।

14 को अबूझ सावा
कार्तिक एकादशी यानि 14 नवम्बर को अबूझ सावा है। शुभ मुर्हूत में चाक-भात पूजन, बारात की निकासी, पाणिग्रहण संस्कार, प्रीतिभोज और अन्य समारोह होंगे। कई जगह दिन में पाणिग्रहण संस्कार की रस्म अदा कराई जाएगी। वैशाली नगर, विजयलक्ष्मी गार्डन, आदर्श नगर, शास्त्री नगर, लोहागल रोड, धौलाभाटा, रामगंज-केसरगंज, मेयो लिंक रोड सहित अन्य समारोह स्थलों में बुकिंग की गई है।

चार महीने गूंजेंगी धुनें
पहले 14 अप्रेल से 1 जून तक लॉकडाउन के चलते कई लोगों ने शादियां स्थगित की थीं। इसके बाद देवशयन के चलते जुलाई से अक्टूबर तक मांगलिक कार्यक्रम नहीं हुए थे। लिहाजा शहर और जिले में चार महीने बाद ढोल और बैंड-बाजे की धुनें सुनाई देंगी। लॉकडाउन के दौरान करीब 2.5 करोड़ की शादियां, मुंडन, गृह प्रवेश और अन्य समारोह कैंसिल हुए थे।