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माशिबो अध्यक्ष बोले : लॉकडाउन की समाप्ति पर ही परीक्षा आयोजन पर विचार संभव,सरकार से लेंगे सहमति

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड स्पीड पोस्ट से भिजवा रहा दस्तावेज,परीक्षा को लेकर राज्य सरकार से लेंगे सहमति,करीब 500 दस्तावेज विद्यार्थियों को उनके निवास पर स्पीड पोस्ट के जरिए भिजवाई, उधर,सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

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माशिबो अध्यक्ष बोले : लॉकडाउन की समाप्ति पर ही परीक्षा आयोजन पर विचार संभव,सरकार से लेंगे सहमति

माशिबो अध्यक्ष बोले : लॉकडाउन की समाप्ति पर ही परीक्षा आयोजन पर विचार संभव,सरकार से लेंगे सहमति

ajmer अजमेर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड,अजमेर के अध्यक्ष डॉ. डी. पी. जारोली ने साफ कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर स्थिति चिंताजनक हैं। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से फिलहाल लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। इसके चलते राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की वार्षिक परीक्षाएं संभव नहीं है। लॉकडाऊन समाप्त होने के बाद ही परीक्षा आयोजन पर निर्णय किया जाएगा। इससे पहले राज्य सरकार की सहमति जरूरी होगी।

वेबसाइट पर आवेदन मिल रहे

बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार बोर्ड की वेबसाइट पर अंकतालिकाएं और प्रमाण-पत्र के आवेदन मिल रहे हैं। लिहाजा बोर्ड प्रशासन की ओर से आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को स्पीड पोस्ट से दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक बोर्ड ने 500 अंकतालिका और प्रमाण-पत्र विद्यार्थियों को उनके निवास पर स्पीड पोस्ट के माध्यम से भिजवाई हैं।

शिक्षकों को मानें कोरोना वॉरियर्स

डॉ. जारोली ने सरकार से शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स की भांति वरीयता के आधार पर टीकाकरण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षक सुरक्षित हैं तो विद्यार्थी भी सुरक्षित रहेंगे। कई शिक्षक जिला प्रशासन के निर्देश पर फ्रन्ट लाईन वॉरियर्स की भांति ड्यूटी दे रहे हैं ।

बोर्ड सहयोग को तैयार

डॉ. जारोली ने कहा की राजस्थान बोर्ड प्रदेश में शिक्षकों के कोरोना टीकाकरण पर होने वाले व्यय में आर्थिक सहयोग के लिए तैयार है। बोर्ड ने 20 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर देने की सहमति जिला प्रशासन को दी है।

बारहवीं की परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

अजमेर. सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। उधर, बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षाओं को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है। कोरोना संक्रमण के चलते सीबीएसई ने दसवीं की परीक्षा रद्द की थीं। जबकि बारहवीं की परीक्षाओं को स्थगित किया है। इसका फैसला 1 जून या इसके बाद होना है।
बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर दिल्ली की अधिवक्ता ममता शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर ऑब्जेक्टिव प्रणाली अपनाई जानी चाहिए, जबकि बोर्ड दसवीं की परीक्षाएं रद्द कर प्रमोट फार्मूला बना चुका है।

विशेषज्ञों से चर्चा में जुटा बोर्ड

बारहवीं के विद्यार्थी परीक्षाएं रद्द करने को लेकर अभियान चला रहे हैं। इधर, देश में कोविड-१९ संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। लिहाजा बोर्ड स्कूल, कॉलेज, आईआईटी और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों से चर्चा में जुटा है। बारहवीं की परीक्षा कई प्रतियोगी परीक्षाओं के लिहाज से अहम होती है। इसको लेकर सीबीएसई कई बिंदुओं पर कामकाज कर रहा है।

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