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अजमेर से होगी यह शुरूआत…बनेगा स्टूडेंट्स का ई-वॉलेट, आधार नम्बर होगा जरूरी

ई-वॉलेट बनाने और परीक्षा फार्म के साथ आधार नम्बर भरवाने वाला यह पहला विश्वविद्यालय होगा।

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e wallets prepaer by mds university ajmer

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रक्तिम तिवारी/अजमेर।

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के ई-वॉलेट बनाएगा। विद्यार्थियों की अंकतालिकाएं, सर्टिफिकेट और डिग्री डिजिटल प्रारूप में रहेंगी। इसके लिए विश्वविद्यालय इस बार ऑनलाइन किए जाने वाले परीक्षा आवेदन पत्र में विद्यार्थियों से उनके आधार नम्बर भरवाएगा। ई-वॉलेट बनाने और परीक्षा फार्म के साथ आधार नम्बर भरवाने वाला यह पहला विश्वविद्यालय होगा।

केंद्र सरकार ने ई-वॉलेट के तहत 'राष्ट्रीय अकादमिक संग्रहण केंद्रÓ योजना बनाई है। इसके तहत सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षिक दस्तावेजों का डिजिटल डाटा बैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। इसमें विद्यार्थियों की स्नातक/ स्नातकोत्तर और अन्य पाठ्यक्रमों की डिग्री, डिप्लोमा, अंकतालिकाएं, प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में २४ घंटे ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। पासिंग सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अंकतालिकाओं को भी डिजिटल प्रारूप में रखा जाएगा। मदस विवि प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है।

यह होगा फायदा
ई-वॉलेट में दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के बाद संस्थाओं-विद्यार्थियों को फायदा होगा।विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और अंकतालिका डाक से मंगवाने और जांचने का झंझट नहीं होगा। देश-विदेश की शैक्षिक संस्थाएं, निजी और सरकारी कम्पनियां इन दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच कर सकेंगी। जरूरत पडऩे पर विद्यार्थी फीस देकर इनका प्रिंट ले सकेंगी। विश्वविद्यालय के पास रहेगा विद्यार्थियों का पूरा डाटा रहेगा।


ई-फाइलिंग में पीछे यूनिवर्सिटी
ई फाइल सिस्टम लागू करने में एमडीएस विश्वविद्यालय काफी पीछे है। यहां कम्प्यूटर पर कामकाज तो हो रहा है, पर देश की अन्य विश्वविद्यालयों की तरफ फाइलों का डिजिटलीकरण नहीं हुआ है। अब तक ब्रिटिशकालीन परम्परा के अनुसार विभागों में फाइलों का आदान-प्रदान, टिप्पणियां लिखने का दौर जारी है। ऐसा तब है जबकि पीएम नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं लागू कर चुके हैं। इसके बावजूद यहां कम्प्यूटर पर ई-फाइल सिस्टम तैयार नहीं किया गया है।

इस बार परीक्षा फार्म के साथ विद्यार्थियों के आधार नम्बर भरवाएंगे। इससे ई-वॉलेट बनाना आसान होगा। विद्यार्थियों के शैक्षिक दस्तावेज डिजिटल फॉर्मेट में वॉलेट में रहेंगे। यह नवाचार करने वाली राज्य की पहली यूनिवर्सिटी होगी।
-डॉ. जगराम मीणा, परीक्षा नियंत्रक मदस विवि अजमेर