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MDSU: सातवां विभाग भी भगवानभरोसे, जाने कैसे चलेगा कामकाज

लगातार शिक्षकों की कमी के चलते विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों की परेशानियां बढ़ रही हैं।

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mdsu ajmer

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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का कॉमर्स विभाग अब अस्थाई शिक्षकों के भरोसे चलेगा। यहां परिसरमें सातवां शैक्षिक विभाग होगा जहां कोई स्थाई शिक्षक नहीं है। लगातार शिक्षकों की कमी के चलते विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों की परेशानियां बढ़ रही हैं।

विश्वविद्यालय में कला, वाणिज्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, विधि, पत्रकारिता और अन्य संकाय संचालित हैं। मौजूदा वक्त 17 स्थाई शिक्षक कायर्रत हैं। इनमें 15 प्रोफेसर और 2 रीडर शामिल हैं। इनके अलावा योग विभाग में संविदा पर दो शिक्षक कार्यरत हैं।

कॉमर्स विभाग हुआ खाली...
निवर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. बी. पी. सारस्वत के सेवानिवृत्ति के साथ कॉमर्स विभाग खाली हो गया है। प्रो. सारस्वत पिछले 22 साल से कॉमर्स विभाग में एकमात्र शिक्षक थे। उनके कार्यरत रहते हुए यहां दो-तीन गेस्ट फेकल्टी पढ़ा रही थी। अब विभाग पूरी तरह अस्थाई शिक्षकों के भरोसे चलेगा। 31 जुलाई को जनसंख्या अध्ययन विभाग भी खाली हो जाएगा। मौजूदा विभागाध्यक्ष प्रो. लक्ष्मी ठाकुर सेवानिवृत्त होते ही यह विभाग गेस्ट फेकल्टी के भरोसे चलेगा।

इन विभागों के हालात खराब
विवि के राजनीति विज्ञान, इतिहास, रिमोट सेंसिंग, हिंदी, पत्रकारिता और लॉ विभाग में कोई स्थाई शिक्षक नहीं है। विश्वविद्यालय कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं ले रहा है। यहां कम्प्यूटर विज्ञान, जूलॉजी, बॉटनी, प्योर एन्ड एप्लाइड केमिस्ट्री, अर्थशास्त्र, जनसंख्या अध्ययन विभाग में मौजूदा वक्त महज एक-एक शिक्षक है। यहां 20 शिक्षकों की भर्ती अटकी हुई है। पदों की तकनीकी परीक्षण के बाद ही वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और सरकार से मंजूरी मिलनी है।


आरपीएससी-इंतजार होगा खत्म, जल्द निकलेगा आरएएस मुख्य परीक्षा परिणाम

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2018 की मुख्य परीक्षा का परिणाम निकालने की तैयारियों में जुट गया है। राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिए हैं। अब आयोग तकनीकी जांच और समीक्षा के बाद नतीजा जारी करेगा। नियमानुसार पदों के तीन गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए पात्र घोषित करते हुए उत्तीर्ण किया जाएगा।

राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बैंच ने पिछले साल अप्रेल में आरएएस प्रारंभिक परीक्षा-2018 के प्रश्न संख्या 11 और 22 को हटाने सहित नए सिरे से परिणाम जारी करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ राजस्थान लोक सेवा आयोग ने हाईकोर्ट की खंडपीठ में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के आदेशानुसार पिछले साल 25 और 26 जून को आरएएस मुख्य परीक्षा कराई गई थी।