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कॉलेज को भेज दिया 18 मार्च को हुआ पेपर, एक घंटा अटकी रही परीक्षा

लिफाफे के अंदर से निकला दूसरे विषय का पेपर। आनन-फानन में भेजा विश्वविद्यालय ने नया पेपर

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wrong paper in college

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अजमेर.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय की लापरवाही शनिवार को सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय को भारी पड़ते-पड़ते बची। विश्वविद्यालय ने 18 मार्च को हो चुका पेपर कॉलेज को भेज दिया। यह देखकर विद्यार्थियों और कॉलेज प्रशासन के होश उड़ गए। इससेकरीब एक घंटा परीक्षा प्रभावित रही। नया पेपर आने के बाद विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर परीक्षा करानी पड़ी।

लोकसभा चुनाव के बाद विश्वविद्यालय की परीक्षाएं फिर शुरू हुई हैं। शनिवार को दोपहर 3 से 6 बजे तक बी.कॉम ऑनर्स पार्ट तृतीय का इनकम टैक्स लॉ एन्ड प्रेक्टिस का पेपर होना था। निर्धारित अवधि पर विद्यार्थी कॉलेज पहुंच गए। लेकिन इससे पहले जब कॉलेज ने पेपर निकालने के लिए लिफाफा खोला तो सबके होश उड़ गए। मालूम हो कि यह पेपर पूर्व में 13 मार्च को होना था, लेकिन उर्स के अवकाश के चलते इसे स्थगित किया गया था।

लिफाफे से निकला पुराना पेपर
परीक्षा के लिए कॉलेज के स्टाफ ने नियमानुसार दोपहर में लिफाफा खोला। इसके अंदर बी.कॉम ऑनर्स पार्ट तृतीय का एडवांस कॉस्टिंग का पेपर निकला। जबकि इस विषय का पेपर विश्वविद्यालय 18 मार्च को करा चुका था। स्टाफ ने तत्काल प्राचार्य को इसकी सूचना दी। प्राचार्य ने विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से संपर्क किया। परस्पर बातचीत और नया पेपर मंगवाने में करीब एक घंटा लग गया।

शाम तक चली परीक्षा
कॉलेज की सूचना पर विश्वविद्यालय ने इनकम टैक्स लॉ एन्ड प्रेक्टिस का नया पेपर भेजा। इसके चलते विद्यार्थियों की परीक्षा 4 बजे शुरू हो सकी। बाद में यह परीक्षा शाम तक चली। विश्वविद्यालय की गलती होने से विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ा।

परीक्षाओं में पहले भी हो चुकीं ये गलतियां
-2000-01 में एक छात्रा की कॉपी में अंदर चिपके मिले थे दूसरे पेज
-2005-06 में दैनिक वेतनभागी कार्मिकों ने लिफाफे खोलकर चुराए थे दो पेपर
-2009-10 में पाली जिले में बस से गिर गया था कॉपियों का बंडल
-2014-15 में नहीं मिल पाए थे एक विषय के पेपर बंडल
-पेपरों में स्कीम और आउट ऑफ कोर्स संबंधित प्रश्नों की हर साल शिकायत


लिफाफे से बी.कॉम ऑनर्स पार्ट तृतीय का एडवांस कॉस्टिंग का पेपर निकला था। हमारी सूचना पर विश्वविद्यालय ने नया पेपर भेजा, इसके बाद ही परीक्षा कराई गई।
डॉ.एम.एल.अग्रवाल, प्राचार्य एसपीसी-जीसीए

लिफाफे से पुराना पेपर निकलने की सूचना मिली थी। तत्काल नया पेपर उपलब्ध कराया गया। वैसे भी प्रश्न पत्र मुद्रणालय ही सीलबंद गोपनीय लिफाफे में भेजता है।
प्रो. सुब्रतो दत्ता, परीक्षा नियंत्रक एमडीएस विश्वविद्यालय

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