
नसीराबाद छावनी परिषद में ‘पोपाबाई का राज’
नसीराबाद (अजमेर). छावनी परिषद कार्यालय में स्थायी मुख्य अधिशाषी अधिकारी नहीं होने के कारण गत 15 दिनों से छावनी परिषद कार्यालय में पोपाबाई का राज चल रहा है। नगरवासियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए छावनी परिषद कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता भोलाशंकर गर्ग ने बताया कि परिषद प्रशासन की लापरवाही के चलते परिषद कर्मचारियों व पेंशनधारियों के भुगतान का कोई अता-पता नहीं हैं। छावनी परिषद प्रशासन ने नगर में पार्षदों के नाम से अंकित साइन बोर्ड तो लगाए हैं लेकिन उन पर पार्षदों के टेलीफोन नम्बर अंकित नहीं होने से नगरवासी उनसे सम्पर्क नहीं कर पाते हैं। इतना ही नहीं छावनी परिषद प्रशासन ने नगरवासियों की समस्याओं का त्वरित गति से समाधान करने के लिए छावनी परिषद के विभिन्न विभागों के प्रभारियों के नम्बर तो नगर में कई जगह साइन बोर्ड लगाकर अंकित करवा दिए हैं। लेकिन छावनी परिषद के विभाग प्रभारी परिषद प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए मोबाइल नम्बरों को अधिकतर बंद रखते हैं या अधिकांश समय फोन ही नहीं उठाते हैं। इससे आमजन की समस्याओं का समाधान त्वरित गति से हो ही नहीं पाता है। गर्ग ने आरोप लगाया कि जब परिषद में स्थायी मुख्य अधिशाषी अधिकारी ही नहीं है तो कर्मचारियों और प्रभारियों को किसी बात का डर ही नहीं हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जहां केंद्र में भाजपा शासित सरकार है वहीं नगर में भी भाजपा शासित बोर्ड है। जो सीधा केंद्र सरकार के अधीन आता है। इतना सबकुछ होते हुए भी नगर को समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

Published on:
26 Jun 2019 06:01 am
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