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Paper Leak से सुर्खियों में रहे RPSC का नया प्लान, अब ‘लौटरी’ सिस्टम से होगा इंटरव्यू, पर्ची उठाओ और इंटरव्यू देने जाओ

सब इंस्पेक्टर और वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक और साक्षात्कार में ज्यादा नंबर जैसे विवादों से सुर्खियों में रहे राजस्थान लोक सेवा आयोग ने साक्षात्कार बोर्ड बनाने में नवाचार किया है। अब तक अध्यक्ष अभ्यर्थियों के बैच बनाकर संबंधित बोर्ड में भेजते थे।

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Education News: सब इंस्पेक्टर और वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक और साक्षात्कार में ज्यादा नंबर जैसे विवादों से सुर्खियों में रहे राजस्थान लोक सेवा आयोग ने साक्षात्कार बोर्ड बनाने में नवाचार किया है। अब तक अध्यक्ष अभ्यर्थियों के बैच बनाकर संबंधित बोर्ड में भेजते थे। नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों के लिए खुद ड्रॉप बॉक्स से ‘टोकन’ उठाने और इसके आधार पर बैच बनाकर बोर्ड में भेजने की शुरुआत की गई है। इससे आयोग और अभ्यर्थियों का समय भी बच रहा है।

आयोग से मौजूदा प्रावधानुसार अभ्यर्थियों को विभिन्न साक्षात्कार बोर्ड में भेजा जाता है। काल्पनिक रोल नंबर होने से बोर्ड सदस्य और विशेषज्ञों को भी अभ्यर्थी के नाम, पते और अन्य जानकारियां नहीं होती हैं। बोर्ड सिर्फ अध्यक्ष ही तय करते हैं। इसमें अध्यक्ष को प्रक्रिया बार-बार अपनानी पड़ती है।

शुरू किया टोकन सिस्टम
कनिष्ठ विधि अधिकारी भर्ती-2023 के साक्षात्कार से आरपीएससी ने नवाचार किया है। इसके अन्तर्गत साक्षात्कार के लिए आयोग आने वाले अभ्यर्थियों के लिए ड्रॉप बॉक्स से कागज की अंक लिखी टोकन उठाना जरूरी किया गया है। इसमें में 1 से 50 अथवा कोई भी अंक लिखा जाता है।
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अंक से यों बना रहे बैच
अंकों के आधार पर समूह में 5-5 अथवा 10-10 अभ्यर्थियों के बैच बनाए जा रहे हैं। इसके बाद बैच को आवंटित कोड अनुसार संबंधित साक्षात्कार बोर्ड में भेजा जा रहा है।

यों होने लगा है फायदा
- टोकन से अभ्यर्थी को नहीं पता चलता इंटरव्यू बोर्ड
- सभी अभ्यर्थियों को स्लिप उठाने का मिल रहा अवसर
- किसी सदस्य अथवा विशेषज्ञ के बारे में पता लगाना मुश्किल
- आयोग अध्यक्ष खुद भी बैठ रहे बोर्ड में
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फैक्ट फाइल
1949 में हुई आयोग की स्थापना
6 सदस्य हैं अभी, एक निलंबित
50 से ज्यादा भर्तियों में होते हैं साक्षात्कार
2 से 4 बोर्ड चलते हैं साक्षात्कार के दौरान

इनका कहना है...
कनिष्ठ विधि अधिकारी के इंटरव्यू में ड्रॉप बॉक्स से टोकन लेने और उसके अनुरूप बैच बनाने की शुरुआत की गई है। इससे रोजाना प्रत्येक साक्षात्कार से पहले बोर्ड तय करने की प्रक्रिया भी सरल हुई है। धीरे-धीरे अन्य इंटरव्यू में इसे आगे बढ़ाएंगे।
- संजय कुमार श्रोत्रिय, अध्यक्ष, आरपीएससी