17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

 निगम में गए तो बंदिशें ज्यादा. .नहीं मिलेगा काम, सिमटेगी खेती !

– मनरेगा में नहीं मिलेगा रोजगार, कहां रखेंगे मवेशी -परिसीमन से खुश नहीं हैं ग्रामीण अजमेर. स्वायत्त शासन विभाग द्वारा हाल ही शहर से जुड़े गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल करने के आदेश के बाद ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों ने परिसीमन से हाेने वाली परेशानियों पर चिंता जताकर ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों […]

2 min read
Google source verification

अजमेर

image

Dilip Sharma

Apr 02, 2025

nigam news

nigam news

- मनरेगा में नहीं मिलेगा रोजगार, कहां रखेंगे मवेशी

-परिसीमन से खुश नहीं हैं ग्रामीण

अजमेर. स्वायत्त शासन विभाग द्वारा हाल ही शहर से जुड़े गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल करने के आदेश के बाद ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों ने परिसीमन से हाेने वाली परेशानियों पर चिंता जताकर ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी पीड़ा बताई है। ग्रामीणों को बड़ी चिंता ग्रामीण क्षेत्रों से मनरेगा में मिलने वाला काम छिनने की है। कृषि के लिए केवल खेत ही नहीं, बल्कि मवेशियों को रखने, गोबर एकत्रित करने, बाड़े, चारा संग्रहण आदि कई कार्य करने होते हैँ। निगम क्षेत्र में आने के बाद खेत-खलिहान का अनुपात कम हो जाएगा।

कृषि भूमि घटेगी, मवेशी कहां जाएंगे

ग्रामीणों का कहना है कि गांवो में ग्रामीणों के मकान के आसपास खुली जमीन में अस्थायी बाड़े बनाकर मवेशी रखते हैं। उनका गोबर इकट्ठा किया जाता है, कुट्टी-चारा आदि के छप्पर बना लेते हैं। निगम सीमा में आने के बाद केवल आवासीय भूमि मिलेगी व शेष भूमि निगम क्षेत्र में निहित होने से इन कामों के लिए खासी परेशानी होगी।

भवन निर्माण नियम होंगे लागूू

निगम क्षेत्र में आने के बाद सेट बैक, सरकारी भूमि को छोड़कर निर्माण किया जा सकेगा। शहरी विकास कर, गृह कर या अन्य कर आदि वसूले जाएंगे। जिससे अनावश्यक आर्थिक भार पड़ेगा। कचरा उठाने के लिए भी शुल्क देना होगा। जमीन सीमित होने से कृषि प्रभावित होगी।

आबादी से बाहर के ग्रामीणों को भी परेशानी

ग्राम पंचायतों में भी आबादी क्षेत्र होता है। जो आवास आबादी क्षेत्र में हैं उन्हें निगम सीमा में मान लिया जाएगा लेकिन जो दूरस्थ हैं उनकी वैधता और स्वामित्व सवालिया होगा।

-------------------------------

ग्रामीणों ने समस्याओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है। ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। शहरी विकास होगा लेकिन ग्रामीण क्षेत्र व कृषि क्षेत्र कम होने लगेगा। मवेशियों को पालने की भी दिक्कतें आएंगी।रामदेव, उपसरपंच- हाथीखेड़ा

------------------------------------------------

निगम क्षेत्र में आने से खेती घटेगी। पशुओं के विचरण व बाड़े आदि की समस्या रहेगी। ग्रामीण तो गांव में रहने के इच्छुक हैं।

पूजा गुर्जर, माकड़वाली

-----------------------------------------------

गांव में सभी सुविधाएं हैं। बिजली की राशि नहीं देनी पड़ती। मवेशी खुले में चर लेते हैँ। निगम दायरे में आने के बाद पशुओं को पकड़ लिया जाएगा। गांव की आबादी कम है इसे ग्रामीण सीमा में ही रहने दिया जाए।

रमेश, काजीपुरा।

---------------------------------------------------------------

ग्रामीणों के लिए निगम सीमा में आना फायदेमंद नहीं

ग्राम पंचायत का नगर निगम में विलय होने पर कृषकों को काफी परेशानी हो सकती है। जमीनों पर कब्जे या व्यावसायिक निर्माण होने लगेंगे। जिससे कृषि भूमि खत्म हो जाएगी। वर्तमान में सरपंच को सीधा पट्टा देने का अधिकार है व 5 लाख तक के विकास कार्य स्वयं के स्तर पर करा सकते हैं। लेकिन बाद में ऐसा नहीं हो सकेगा। चारागाह भूमि निगम सीमा में चली जाएगी। पशुओं की बाड़ाबंदी करनी पड़ेगी।

रणजीत सिंहपार्षद, नगर निगम अजमेर।