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कोरोना के नए वैरिएंट के लिए नया जांच किट नहीं

पॉजिटिव व नेगेटिव ही बताएगा मौजूदा किट कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ.7 की जांच के लिए अभी कोई नया जांच किट नहीं है। कोरोना जांच में पॉलिमर चैन रिएक्शन (पीसीआर टेस्ट) या आरटीपीसीआर (रीयल टाइम टेस्ट) किया जाता है।

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अजमेर

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Dilip Sharma

Dec 24, 2022

churu corona news- दबे पांव कोरोना की दस्तक: राजकीय लोहिया कॉलेज के नौ स्टॉफ कर्मी संक्रमित

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अजमेर. कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ.7 की जांच के लिए अभी कोई नया जांच किट नहीं है। कोरोना जांच में पॉलिमर चैन रिएक्शन (पीसीआर टेस्ट) या आरटीपीसीआर (रीयल टाइम टेस्ट) किया जाता है। इसकी रिपोर्ट में यह पता लगता है कि मरीज को कोरोना है या नहीं लेकिन कुछ दिनों से नए वैरिएंट की बात की जा रही है। फिलहाल इसकी जांच के लिए कोई नया किट नहीं है। अब तक मौजूदा किट के आधार पर की जा रही जांच के आधार पर ही मरीज को कोरोना होने या नहीं होने की पुष्टि की जाती है।कोरोना के वैरिएंट के लिए जयपुर पर ही निर्भरता

चिकित्सकों के अनुसार कोरोना के नए वैरिएंट का इसका पता लगाने के लिए पूर्व कोरोना काल में भी जयपुर पर निर्भर रहना पड़ता था। अब भी जयपुर पर ही निर्भर रहना होगा। जहां वायरस के स्ट्रक्चर का अध्ययन होकर उसके जीनोम िस्क्वेंस या आरएनए का पता लगेगा तब यह जानकारी मिलेगी कि मरीज को नए वैरिएंट का कोरोना है।

वायरस रूप ही बदल देता है जीन

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के कोविड प्रभारी डॉ. रोहितांश शर्मा व माइक्रोबायलॉजी विभाग की डॉ. ज्योत्सना चांदवानी के अनुसार कोरोना का वायरस जीन के मॉल्यूकूल को बदल देता है तब इसकी संरचना बदल जाती है। यह नया वैरिएंट का रूप ले लेता है। इसके जीनोम सिक्वेसिंग के आधार पर ही इसकी जांच होकर कोरोना के वैरिएंट का पता लगता है। जिसे सामान्य भाषा में आरटीपीसीर टेस्ट कहते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आईएमआर की ओर से अभी कोई गाइड लाइन नहीं आई है। नया किट के संबंध में भी कोई निर्देश नहीं हैं। जिले में अभी नए वैरिएंट का कोई केस सामने नहीं आया है। चिकित्सकों का कहना है कि मरीज को केवल पॉजिटिव आने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। जीन सिक्वेसिंग की रिपोर्ट कुछ दिन बाद आती है और यह उनके विषय क्षेत्र का भी नहीं है।