
कुख्यात डकैत मुकेश ठाकुर यूपी पुलिस से मुठभेड़ में ढेर
धौलपुर. करीब दो साल से पैरोल से फरार चल रहे एक लाख १५ हजार के इनामी कुख्यात डकैत मुकेश ठाकुर को रविवार देर रात उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने मुठभेड़ ढेर कर दिया। डकैत मुकेश पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के विभिन्न थाना इलााकों में ३८ से अधिक अपराधिक मामले दर्ज है और यूपी पुलिस की ओर से ७५ हजार और राजस्थान पुलिस की ओर से ४० हजार रूपए का इनाम घोषित था। पैरोल से फरार होने के बाद डकैत मुकेश ने गिरोह बना लिया था और लगातार अपराधिक वारदातों में सक्रिय था। उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार आगरा पुलिस को सूचना मिली कि धौलपुर के बसेड़ी क्षेत्र के रहने वाले मुकेश ठाकुर के आगरा में पहुंचा है और किसी वारदात को अंजाम देने वाला है। इस पर पुलिस टीम को सर्तक किया गया। पुलिस ने मुखबिर के जरिए मुकेश की पहचान सुनिश्चित कर ली और पकडऩे के लिए जाल बिछा लिया। इस पुलिस ने बाइक सवार मुकेश को रोकते हुए पूछताछ की, जिसमें बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट होना पाया गया। जिसके बाद पुलिस मुकेश व उसके साथी को पकड़ कर सदर बाजार थाने पर ले आई। यहां पूछताछ में मुकेश ने स्थानीय एक व्यक्ति के यहां उसकी दो राइफलें छुपी होना बताया। इस पर पुलिस टीम मुकेश को लेकर राइफलें बरामद करने के लिए रवाना हो गई। रास्ते में मुकेश पुलिस गाड़ी में सवार दो पुलिस कांस्टेबलों से धक्का देकर सरकारी पिस्टल लेकर भागने लगा। पुलिस टीम ने भी पीछा करना शुरू कर दिया। दोनों ओर से फायरिंग हुई। इसके बाद जब मुकेश ने फायरिंग करना बंद कर दिया। यहां जाकर देखा तो वह गंभीर घायलावस्था में पड़ा मिला, जिसें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, यहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। आगरा पुलिस ने मुकेश की ओर से बताए गए राइफल रखने की स्थान को चिन्हित करने के प्रयास तेज कर दिए है। पैरोल से चल रहा था फरारधौलपुर के बसेड़ी थाने के गांव जारगा निवासी मुकेश ठाकुर पर राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों पर ३८ मुकदमें दर्ज हैं। इन मामलों में एक हत्या के मामले में मुकेश ठाकुर आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल से वह गत 19 सितम्बर 2019 से 19 अक्टूबर 2019 को पैरोल पर आया था। तब से अब तक वह फरार चल रहा है। पुलिस ने मुकेश की तलाश भी लेकिन कोई भी जानकारी नहीं हो सकी। फरारी के दौरान मुकेश ने अपनी गिरोह बना ली। गिरोह उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में सक्रिय होकर लगातार अपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहा था।
वर्ष २००२ में रखा था अपराध की दुनियां में कदमडकैत मुकेश ठाकुर ने वर्ष 2002 में बसेड़ी थाना क्षेत्र में दलितों के साथ मारपीट कर अपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हुआ था। इसी क्रम में आठ वर्ष में मुकेश पर 28 आपराधिक मामले दर्ज हो गए। वर्ष २००९ में मुकेश ठाकुर को भरतपुर जेल ले जाते समय कैंथरी बॉर्डर पर अपने सहयोगियों के साथ पुलिस पर हमला कर दो राइफल छीनकर फरार हो गया था। इसी क्रम में वर्ष 2010 में डकैत मुकेश ठाकुर ने जेल में बंद कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के भांजे भूरा की हत्या कर दी। जिसका बदला लेते हुए उसी दिन जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर ने मुकेश ठाकुर के सक्रिय सदस्य पप्पू खनपुरा के साले संतोष को बसई डांग थाना क्षेत्र में मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में बाड़ी कोर्ट ने आरोपी मुकेश ठाकुर को दोषी मानते हुए वर्ष 2017 को आजीवन करावास की सजा सुनाई थी।प्रदेश के टॉप-२५ अपराधियों की सूची शामिल थापुलिस के अनुसार यूपी पुलिस से मुठभेड़ में मारा गया डकैत मुकेश ठाकुर राजस्थान के टॉप-२५ अपराधियों की सूची में शामिल था।
मुकेश पर राजस्थान पुलिस की ओर से ४० हजार और उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से ७५ हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया था। इसमें ५० हजार रूपए एडीजी आगरा परिक्षेत्र, २५ हजार एसएसपी आगरा परिक्षेत्र, २५ हजार के एडीजी अपराध शाखा जयपुर, १० हजार रूपए आईजी भरतपुर रेंज, ५ हजार धौलपुर एसपी से इनाम घोषित था। गांव में छाया शौकडकैत मुकेश ठाकुर की मुठभेड़ में मौत की सूचना पर बसेड़ी क्षेत्र के गांव जारगा में सोमवार को मातम छा गया। हर कोई घटना को लेकर गांव में चर्चाएं करता हुआ नजर आया। इतना ही नहीं जिलेभर में मुकेश की मौत की सूचना पर चर्चाएं होती रही।
Published on:
31 Aug 2021 01:22 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
