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RBSE : अब जांचने के लिए कॉपियां घर नहीं ले जाएंगे परीक्षक

  माशिबो अपनाएगा केन्द्रीय मूल्यांकन पद्धति : चरणबद्ध तरीके से बढ़ेगा दायरा

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अजमेर

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Preeti Bhatt

Feb 22, 2020

RBSE : अब जांचने के लिए कॉपियां घर नहीं ले जाएंगे परीक्षक

RBSE : अब जांचने के लिए कॉपियां घर नहीं ले जाएंगे परीक्षक

अजमेर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board of Secondary Education) विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं परीक्षकों (examiners) से उनके घर पर जंचवाने की व्यवस्था में पूरी तरह बदलाव करेगा। प्रयोग के तौर पर शुरु की गई केन्द्रीय मूल्यांकन पद्धति (Central evaluation method) शिक्षा बोर्ड को रास आने लगी है। इसके तहत एक-एक परीक्षक को कॉपियां (copies) उनके घर पर भिजवाने की जगह परीक्षकों को एक जगह बुलाकर उनसे कॉपियां जंचवाने की व्यवस्था है।

बोर्ड प्रत्येक वर्ष सीनियर सैकंडरी और सैकंडरी की लगभग एक करोड़ 20 लाख उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराता है। इसके लिए बोर्ड की ओर से पूरे राज्य में रहने वाले सरकारी व्याख्याताओं को कॉपियों के बंडल उनके घर तक पहुंचाए जाते हैं। परीक्षक कॉपियां जांचने के बाद विद्यार्थियों के प्राप्तांकों की सूची और जंची हुई कॉपियां पुन: बोर्ड के अजमेर मुख्यालय तक भिजवाते है। यह व्यवस्था काफी खर्चीली और समय बर्बाद करने वाली होने के साथ कॉपियां गुम होने की भी आशंका बनी रहती है।

संवीक्षा में निकलती है गलतियां
परीक्षक के घर पर कॉपियां जांचने की व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं का भी सही मूल्यांकन नहीं हो पाता। प्रत्येक वर्ष उत्तरपुस्तिकाओं की संवीक्षा (अंकों की री-टोटलिंग) में हजारों विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं में गलतियां निकलती हैं। इससे बोर्ड की साख भी खराब हो रही है।

सटीक मूल्यांकन और जल्द परिणाम
बोर्ड द्वारा फिलहाल प्रयोग के तौर पर शुरू की गई केन्द्रीय मूल्यांकन पद्धति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्रत्येक जिले में बोर्ड अधिकारियों की निगरानी में एक ही जगह अनेक विषय विशेषज्ञों को बिठाकर कॉपियां जंचवाने से गलतियों पर अंकुश लगा है। साथ ही समय की बचत की बदौलत परिणाम भी तय समय में जारी करना भी संभव हुआ है।

इनका कहना है
केंद्रीय मूल्यांकन पद्धति के बेहतर परिणाम सामने आए है। चरणबद्ध तरीके से इसका दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा और अधिकतम कॉपियां इसी व्यवस्था के तहत जंचवाई जाएगी।

-जी के माथुर, निदेशक माशिबो