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हे भगवान! इस साल तो बीसलपुर बांध पूरा भर देना

सून से पहले बांध से जुड़े अधिकारी हुए सक्रिय, बांध के गेटों, जलग्रहण क्षेत्र व अन्य का रख-रखाव कार्य जारी, पिछले साल छह मीटर खाली रह गया था बांध

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हे भगवान! इस साल तो बीसलपुर बांध पूरा भर देना

मेवदाकलां (अजमेर). पानी है तो भविष्य सुरक्षित है। कल की चिंता सभी को करनी है। हर साल बारिश कम होने लगी है। इसके चलते जलाशय खाली पड़े हैं। कुएं बावड़ी का पानी रसातल में चला गया तो अधिकतर रीते हैं, लेकिन जयपुर, टोंक व अजमेर जिले के लिए जीवनदायिनी बीसलपुर बांध का लबालब होना जरूरी है।

पिछले साल यह बांध 309 मीटर तक ही भर पाया था। बांध की पूर्ण भराव क्षमता 315 मीटर है। इस साल जून माह में बांध का पानी सिमट कर तलैया में तब्दील हो गया है। कभी सालभर तक छलछलाते रहने वाला यह बांध आज खाली पड़ा है। इस साल तेज गर्मी से लोगों को उम्मीद है कि बारिश भी अच्छी होगी। सभी चाहते हैं कि हे प्रभु! इस साल तो बांध को पूरा भर देना। साथ में चादर भी चले तो सोने पे सुहागा होगा।

रखरखाव का कार्य तेज

बीसलपुर बांध से जुड़े जल संसाधन विभाग के अफसरों की मानें तो इस साल बारिश अच्छी होने की उम्मीद है। मानसून जून माह में कभी भी दस्तक दे सकता है। बीसलपुर बांध से जुड़े सिंचाई विभाग ने बांध के सभी गेटों की सुरक्षा व सक्रियता को लेकर तैयारियां तेज कर दी। इसके लिए इंजीनियर स्तर के अधिकारी व कर्मचारी जुट गए।

बांध के गेटों सहित अन्य कलपुर्जों को बारीकी से जांचने का कार्य किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार बंसल के अनुसार बारिश शुरू होने से पहले बीसलपुर बांध के सभी गेटों को खोलकर चेक किया। इनमें ऑयल व ग्रीस का कार्य भी हुआ है। बंसल के अनुसार जेनरेटर व क्रेन की मरम्मत की गई है।

बांध के नीचे गैलरी की भी साफ-सफाई कराई है। गेटों के सभी खराब पुर्जे बदले गए हैं। बांध पर सभी केबल इत्यादि की जांच कर उसे ठीक किया गया। बारिश से पहले हर वर्ष यह कार्य किया जाता है। साथ में बांध में आने वाले पानी पर भी पैनी नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।