
तंत्र-मंत्र के शक में रूठी-रानी महल में वृद्ध को उतार दिया मौत के घाट
अजमेर.
तारागढ़ हैप्पी वैली इलाके में विश्वास बाबा के हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने आरोपी हामिद को शनिवार गिरफ्तार कर लिया। मृतक विश्वास बाबा के तंत्र-मंत्र से बीमार होने के शक में हामिद ने उसकी हत्या कर शव जमीन में गाड़ दिया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) नारायण टोगस ने बताया कि मृतक विश्वास बाबा तारागढ़ हैप्पी वैली के निकट रूठी रानी के महल में रहता था। वह जादू-टोना, तंत्र-मंत्र का काम करता था। चश्मा ए नूर बावड़ी मस्जिद पर रहने वाला आरोपी सैयद हामिद खूं बाबा (44) भी जादू-टोने का काम करता था। दोनों कई साल तक साथ रहते थे। घटना से कुछेक दिन पहले दोनों में अनबन हो गई थी।
कई बार हुई मारपीट और तकरार-
टोगस ने बताया कि हामिद खूं बाबा दो-तीन साल से बीमार रहने लगा। उसे विश्वास बाबा पर तंत्र-मंत्र और मूंठ फेंकने का शक था। इसको लेकर दोनों में कई बार तकरार-मारपीट भी हो चुकी थी। इस बात को लेकर हामिद उससे नफरत करने लगा। उसने विश्वास बाबा को मूंठ नहीं उतारने पर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
यूं लगाया विश्वास को ठिकाने-
पूछताछ में हामिद ने पुलिस को बताया कि वो विश्वास बाबा के साथ करीब आठ-नौ महीने पहले रूठी रानी महल में बैठा था। दोनों ने पहले गांजा पिया। उसने विश्वास को मूठ और तंत्र-मंत्र उतारने को कहा तो वो हाथापाई पर उतारू हो गया। मारपीट के दौरान विश्वास नीचे गिर पड़ा। इस पर हामिद ने गले में पड़े गमछे से विश्वास का गला घोंट दिया। बाद में लाश को उसके ही कम्बल में लपेटकर चश्मा ए नूर के निकट गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। साथ ही ऊपर पत्थर रख दिए। एक चरवाहे ने 25 सितंबर को फॉरेस्ट गार्ड विश्वास चावला को शव मिलने की सूचना दी थी। सहायक पुलिस अधीक्षक डॉ. हर्षवद्र्धन, सीओ दरगाह सुरेंद्र सिंह और अन्य ने घटनास्थल का दौरा किया था।
अजमेर में रहते थे कई साल से-
मृतक विश्वास बाबा का ताल्लुक दिल्ली से था। वह करीब 10 साल से अजमेर में हैप्पी वैली स्थित रूठी रानी महल में रहता था। आरोपी हामिद पुत्र रहमान डोडिबिदी चिकमंगलूर कर्नाटक का था। वह बिजयनगर में लक्ष्मण सिंह रावत के अम्बाबाड़ी स्थित मकान में रहता था। विश्वास और हामिद साथ-साथ देश की कई दरगाह की जियारत भी कर चुके थे।
यह थे टीम में शामिल-
हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली टीम में दरगाह थानाधिकारी हेमराज, सहायक उप निरीक्षक कानाराम, हैड कांस्टेबल सूरजकरण, कांस्टेबल महेंद्र सिंह, इकबाल, मुकेश, सुरेश, विजेश, मानसिंह शामिल रहे।
Published on:
29 Sept 2019 12:53 am

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