
water level increase soon in budha pushkar.
बूढ़ा पुष्करसरोवर में छह फीट जलस्तर कायम रखने के लिए रिवर बेसिन ऑथरिटी के सुझाव पर अमल शुरू हो गया है। इसके तहत सरोवर के भराव क्षेत्र को सीमेंट से पक्का करने का काम शुरू कर दिया गया है। सिंचाई राज्य मंत्री रामप्रताप ने धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष औकार सिंह लखावत के साथ मौका देखा। इस दौरान नगर निगम अजमेर के उप महापौर संपत सांखला भी साथ थे।
बूढ़ा पुष्कर सरोवर का क्षेत्रफल करीब सोलह हजार वर्ग मीटर है। इसमें बरसात का पानी आता तो है लेकिन मिट्टी सोख लेती है। रिवर बेसिन ऑथरिटी के अध्यक्ष विदेरे सहित अन्य सदस्यों ने मौका रिपोर्ट तैयार की।
इसके अनुसार सरोवर के 7375 वर्ग मीटर भराव क्षेत्र को पूरी तरह से सीमेंट से पक्का कराया जा रहा है। सरोवर में मिट्टी की आवक रोकने के लिए चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। सरोवर में न्यूनतम जलस्तर 6 फीट तक रखने का काम किया जा रहा है। अधिक जलस्तर होने पर पक्के जल ठहराव क्षेत्र में जल के आउटलेट बना दिए जाएंगे। इससे पानी पूरे सरोवर में फैल सकेगा।
आ रहा बरसात का पानी
सरोवर में भादरमाता व अन्य फीडर निर्माण होने के कारण बरसात का पानी सीधे बहकर आ रहा है लेकिन कुछ समय बाद सरोवर सूखा नजर आता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान व पूजन करने के लिए अतिरिक्त जल ठहराव की कार्ययोजना में काम शुरू कर दिया गया है।
40 फीट गहरा जलस्तर
करीब सौ वर्षों तक अजमेर रेलवे को जल देने वाले बूढ़ा पुष्कर सरोवर का जलस्तर दिनों दिन गिरता जा रहा है। कहा जाता था कि बादलों की गर्जन होने के साथ ही सरोवर क्षेत्र में पाताल तोड़ जल आता था। यही कारण रहा कि सौ वर्षों तक चार सौ हार्सपॉवर की मशीनों से इसी बूढ़ा पुष्कर सरोवर से रोजाना लाखों गैलन पानी दोहन करके रेलवे लेता रहा है। अब हालत यह है कि इस सरोवर का जलस्तर 40 फीट गहरा चला गया है।
बूढ़ा पुष्कर सरोवर में बरसात के पानी को स्थायी रूप से रोकने की कार्ययोजना शुरू हो गई है। इसके लिए सरोवर के लगभग आधे क्षेत्रफल को पक्का किया जा रहा है तथा न्यूनतम छह फीट जलस्तर रखने के प्रयास है।
-औकार सिंह लखावत, अध्यक्ष धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण, पुष्करहा है तथा न्यूनतम छह फीट जलस्तर रखने के प्रयास है।
-औकार सिंह लखावत, अध्यक्ष धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण, पुष्कर
Published on:
22 May 2017 05:02 am
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