
पुलिस गिरफ्त में हाथी दांत बेचने आए आरोपी।
हाथी दांत बेचने अजमेर आए तीन आरोपियों को गुरुवार को वन विभाग ने अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए।
वन विभाग की टीम ने बुधवार को तबीजी रोड स्थित निजी स्कूल के पास दबिश देकर हाथी दांत बेचने के फिराक में आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। टीम ने इनसे 45 सेंटीमीटर लंबा और एक किलो वजनी हाथी दांत बरामद किया। इनके खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियत 1972 में मामला दर्ज किया गया।
विभाग ने हटूंडी निवासी कादर, डूमाडा निवासी भंवरलाल गुर्जर और सीकर खंडेला निवासी महावीर प्रसाद मीणा को अदालत में पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा सान्दू ने आरोपियों की ओर से पेश की गई जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें जेल भेजने के आदेश दिए।
कई राज्यों में हाथी दांत की तस्करी
वन विभाग की मानें तो झारखंड, बिहार, ओडिशा अथवा दक्षिण भारत क्षेत्र में हाथी दांत की तस्करी होती है। आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ की गई है। विभाग इनके विभिन्न राज्यों में नेटवर्क को खंगालेगा।
राज्य में 146 हाथी पंजीकृत
विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार राज्य में 146 हाथी पंजीकृत हैं। इनमें से जयपुर के पास आमेर महल की तलहटी स्थित हाथी गांव में 125 हाथी रहते हैं। इसके अलावा 21 हाथी उदयपुर, चित्तौड़गढ़ अथवा धार्मिक संस्थानों के महंत-संचालकों के पास हैं। राज्य में 90 प्रतिशत मादा हाथी हैं।
दांत की कीमत करोड़ों रुपए
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में हाथी दांत करोड़ों रुपए में बिकता है। इससे चूडि़यां, कंगन, शर्ट-कुर्तों के बटन, सजावटी मूर्तियां, पेंडल और अन्य सामग्री बनाई जाती है। पहले हाथी दांत से बिलियर्ड की गेंद, पियानो की कॉर्ड, सिगार और अन्य वस्तुएं भी बनती थीं।
इनका कहना है...
आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। प्रारंभिक पड़ताल के बाद अब अंदरूनी नेटवर्क खंगाला जा रहा है। जरूरी हुआ तो हाथी दांत की तस्करी को लेकर उच्च स्तर पर सहयोग लेंगे।
शारदा प्रतापसिंह, सीसीएफ अजमेर मंडल
Published on:
08 Dec 2023 02:24 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
