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भले ही पुष्कर थानाधिकारी रिश्वत लेते रंगहाथों पकड़े जाने से बच गया,लेकिन सत्यापन में घूस मांगने की हुई पुष्टि

एसीबी जोधपुर में दर्ज हुआ परिवाद : पुष्कर थानाप्रभारी व कांस्टेबल के साथ जोधपुर आयुक्तालय के करवड़ थाने का एएसआइ जांच के दायरे में,सत्यापन के आधार पर एसीबी मुख्यालय ने रिश्वत मांगने की एफआईआर दर्ज करने के दिए आदेश

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भले ही पुष्कर थानाधिकारी रिश्वत लेते रंगहाथों पकड़े जाने से बच गया,लेकिन सत्यापन में घूस मांगने की हुई पुष्टि

भले ही पुष्कर थानाधिकारी रिश्वत लेते रंगहाथों पकड़े जाने से बच गया,लेकिन सत्यापन में घूस मांगने की हुई पुष्टि

Ajmer अजमेर/पुष्कर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जोधपुर ने पुष्कर थानाप्रभारी राजेश मीणा सहित तीन कार्मिकों के खिलाफ दस लाख रुपए की घूस मांगने का परिवाद दर्ज किया है। एनडीपीएस एक्ट के मामले की जांच में गिरफ्तारी से बचाने की एवज में यह रिश् वत मांगी बताई। हालांकि एसीबी जोधपुर की टीम ने आरोपी को ट्रेप करने का प्रयास भी किया,लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर भी सत्यापन की कार्रवाई में घूस मांगने की पुष्टि हो गई।

अब जयपुर मुख्यालय के आदेश पर पुष्कर थानाप्रभारी राजेश मीणा, सिपाही सुनील पारीक और जोधपुर आयुक्तालय करवड़ थाने के एएसआई अमराराम के खिलाफ रिश्वत की मांग करने का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अजमेर पुलिस अधीक्षक जगदीशचन्द्र शर्मा ने प्रकरण की जांच अपराध सहायक रामअवतार को सौंप दी।

प्लास्टिक के 59 कट्टों में 1,287 किग्रा डोडापोस्त किया था बरामद

एसीबी के अनुसार मांगलियावास थाना पुलिस ने 29 अप्रेल को चित्तौडगढ़़ (बेगू)से जोधपुर जा रहे मिनी ट्रक को राजगढ़ चौराहे पर रोक तलाशी ली थी। इस दौरान प्लास्टिक के 59 कट्टों में 1,287 किग्रा डोडापोस्त बरामद किया गया था। ट्रक चालक जोधपुर विनायक नगर निवासी बबूताराम विश्नोई को एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच पुष्कर थानाप्रभारी राजेश मीणा दी गई। जांच में जोधपुर जिले के करवड़ निवासी एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई। उसने प्रकरण में आरोपी नहीं बनाने की एवज में 10 लाख रुपए मांगे बताए। इसकी शिकायत एसीबी जोधपुर से की गई थी। ब्यूरो की ओर से सत्यापन कराने पर रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। दूसरी ओर रंगेहाथ पकड़े जाने की आशंका के चलते आरोपी पुलिसकर्मी सतर्क हो गए। ऐसे में ट्रेप की कार्रवाई नहीं हो पाई। सकी।

एएसआई के जरिए रखी डिमांड!

एनडीपीएस एक्ट के मामले की जांच के सिलसिले में दो माह पहले पुष्कर थाने का कांस्टेबल सुनील पारीक करवड़ गया था। वह स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्ध युवक के घर पहुंचा। वह मोबाइल नम्बर देकर करवड़ थाने आकर मिलने की बता कहकर लौट आया। इस बीच कांस्टेबल सुनील पुष्कर लौट आया। करवड़ थाने के एएसआई आमराम ने युवक से सम्पर्क कर एनडीपीएस एक्ट के मामले में बचाने के लिए दस लाख रुपए मांगे। संदिग्ध ने एसीबी से शिकायत कर दस लाख की मांग करने का आरोप लगाया।

सीआई के लिए मांगी रिश्वत!

दस लाख रुपए की मोटी रकम देने पर परिवादी आगे पीछे हुआ तो एएसआई अमराराम पांच लाख रुपए मांगने लगा। जो सत्यापन में सामने आ गई। एसीबी ने परिवादी की कांस्टेबल सुनील पारिक से बात कराई तो उसने थानाधिकारी के लिए दस लाख रुपए मांगे। आरोप है कि इस सिलसिले में यह युवक पुष्कर भी आया और थानाप्रभारी मीणा से मिला। इस दौरान थानाप्रभारी ने खुद को ईमानदार बताया, लेकिन उसके सामने ही सिपाही सुनील पारीक ने कोडवर्ड में दस-बारह लाख रुपए की मांग कर दी थी।

एएसआई को हो गया अंदेशा

करवड़ थाने के एएसआई अमराराम को एसीबी कार्रवाई का अंदेशा हो गया। इसके चलते उसने सिपाही सुनील को सावचेत कर दिया। इसके चलते एसीबी तीनों आरोपियों को रंगेहाथ नहीं पकड़ सकी, लेकिन सत्यापन में पुष्टि होने पर एसीबी ने जांच रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी थी।

एफआईआर के लिए मांगा सर्विस रिकॉर्ड

एसीबी के महानिदेशक बी.एल. सोनी ने पुष्कर थानाप्रभारी राजेश मीना, कांस्टेबल सुनील पारीक व जोधपुर करवड़ थाने के एएसआई अमराराम के खिलाफ रिश्वत मांगने पर प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं। एसीबी ने जिला पुलिस अधीक्षक अजमेर व जोधपुर के डीसीपी से तीनों का सर्विस रिकॉर्ड मांगा है। जो मिलने पर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। शनिवार दोपहर अजमेर एसीबी ने सर्विस रेकॉर्ड जोधपुर एसीबी को मेल कर दिया

इनका कहना है

पुष्कर थानाप्रभारी व सिपाही पर किसी मुकदमे के संबंध में रुपए मांगने की बात सामने आई है। एसीबी जोधपुर ने पुष्कर थानाप्रभारी राजेश मीणा व सिपाही सुनिल का सर्विस रेकॉर्ड मांगा था जो भेज दिया है। अब एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण की जांच अपराध सहायक रामअवतार को सौंपी है।

जगदीशचन्द्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक अजमेर

मुझ पर भ्रष्टाचार व रिश्वत मांगने के आरोप निराधार है। जांच में सत्यता आ जाएगी। ऐसे आरोप में कोई दम नहीं है जो बिना प्रमाण के हैं। यह केवल परिवादी की ओर से दबाव बनाने का गलत तरीका है।

राजेश मीणा, थानाधिकारी पुष्कर

एनडीपीएस के मामले में पुष्कर थानाप्रभारी समेत तीन आरोपियों के खिलाफ रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई है। आरोपी भले की रंगे हाथ ट्रेप नहीं हुए हों, लेकिन रिश्वत की मांग करने की पुष्टि होने पर भी ट्रेप के बराबर अपराध माना जाता है। एसीबी मुख्यालय ने थानाप्रभारी राजेश मीणा, सिपाही सुनील पारीक सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्जकर जांच के आदेश दिए है।

बी. एल. सोनी, महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जयपुर

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