
मदनगंज-किशनगढ़. नगर के राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय के हड़ताल पर गए चिकित्सक नहीं लौटे, जबकि निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकों ने दो घंटे पैन डाउन कर चिकित्सकों को समर्थन दिया। चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर के राजकीय यज्ञनारायण चिकित्सालय के 36 में से 33 चिकित्सक हड़ताल में शामिल है। मंगलवार को तीन एलोपैथिक, 9 आयुष चिकित्सक और एक सेवानिवृत चिकित्सक ने रोगियों की जांच कर परामर्श दिया। एलोपैथिक चिकित्सकों की कमी के कारण चिकित्सालय में आउटडोर लगातार कम होता जा रहा है।
चिकित्सालय में आने वाले मरीज आयुष पद्धति के स्थान पर एलोपैथिक पद्धति से उपचार कराना चाहते है, लेकिन उन्हें यह सुविधा नहीं मिलने के कारण वह वापस लौट जाते हैं। उल्लेखनीय है कि एलोपैथिक चिकित्सकों की कमी के कारण चिकित्सालय की आपातकालीन इकाई में भी आयुष चिकित्सक को लगा रखा है, इस कारण अधिकांश मरीजों को रैफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों के साथ उनके परिजन को भी परेशानी होती है।
चिकित्सकों ने बांधी काली पट्टी
चिकित्सालय में मंगलवार को रोगियों की जांच करने वाले चिकित्सकों ने विरोध स्वरूप हाथों पर काली पट्टी बांधकर रोगियों की जांच कर परामर्श दिया।
कई निजी चिकित्सालयों में भी पैनडाउन
नगर के कई निजी चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सकों ने भी सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में मंगलवार को भी सुबह 9 से 11 बजे तक पैनडाउन रखा। इस दौरान उन्होंने रोगियों की जांच आदि का परामर्श नहीं दिया। इस कारण निजी चिकित्सालय में उपचार के लिए जाने वाले रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उक्त चिकित्सकों ने सोमवार को दो घंटे पैनडाउन कर समर्थन दिया था।
अजमेर. जिले में सेवारत चिकित्सकों, रेजीडेंट चिकित्सक एवं इन्टन्र्स की हड़ताल जारी रही। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, चिकित्सालय में मरीजों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा। जेएलएनअस्पताल में मेजर ऑपरेशन, भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। सर्दी का असर होने से कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों का आउटडोर बढ़ा है।उधर सेवारत चिकित्सकसंघ की प्रदेश कार्यकारिणी के प्रतिनिधि एवं जिला उपाध्यक्ष डॉ. अनन्त कोटिया ने कहा कि बिना स्वाभिमान के चिकित्सक अब काम पर नहीं लौटेंगे। राज्य सरकार चिकित्सकों पर दमनात्मक कार्रवाई एवं द्वेषतापूर्ण तबादलों को वापस नहीं लेने पर अड़ी है। वहीं चिकित्सक भी आर-पार की लड़ाई को तैयार हैं।
Published on:
27 Dec 2017 06:25 pm

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