
person died run behind monkey in ajmer
ऊसरी गेट क्षेत्र में बंदर को भगाने के चक्कर में दो मंजिला मकान की छत से गिरने पर एक प्रौढ़ की मौत हो गई। मृतक का शव करीब डेढ़ घंटे तक घटनास्थल पर पड़ा रहा। आखिर क्लॉक टावर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने परिजन के इन्कार के बाद शव बिना पोस्टमार्टम सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के अनुसार ऊसरी गेट नवाब का बेड़ा क्षेत्र निवासी हिमायत खां (५०) सोमवार सुबह अपने दोमंजिला मकान की छत से बंदर को भगा रहा था। इस दौरान उसका पैर छज्जे पर पड़ गया और हिमायत टूटे छज्जे समेत सड़क पर आ गिरा। सिर में चोट लगने पर अत्यधिक रक्तस्राव से हिमायत की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक हिमायत डेढ़ साल से ऊसरी गेट क्षेत्र में किराए के घर में अकेला रह रहा था।
आए दिन होती है घटनाएं
क्षेत्रवासियों के मुताबिक क्षेत्र में बंदरों का आतंक है। आए दिन बंदरों के झुंड मकान की छत पर रखा सामान तोडफ़ोड़ देते हैं। हिमायत से पूर्व भी एक महिला बंदरों को भगाने के दौरान छत से गिरकर पैर की हड्डी तुड़वा चुकी है। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से बंदरों को पकडऩे की मांग की है।
शहर में बंदरों का आतंक
अजमेर में शहर के अंदरूनी इलाकों में बंदरों का खासा आतंक हैं। लाल और काले मुंह के बंदर ऊंचे-ऊंचे मकानों की छतों पर इधर-उधर भागते रहते हैं। यह कई बार मकानों में कमरों-रसोईघर तक पहुंच कर नुकसान करने से नहीं चूकते। लोगों का ज्यादातर ध्यान बंदरों के भगाने में ही बीतता है। कई लोग बंदरों के काटने या गिरने से घायल-चोटिल हो चुके हैं।
पुष्कर क्षेत्र से आते बंदर
अजमेर में बंदरों की आवाजाही पुष्कर और अरावली की पहाड़ी क्षेत्र से होती है। पुष्कर क्षेत्र में लाल और काले मुंह के बंदरों की बहुतायत है। वे पहाड़ी क्षेत्रों से होते हुए अजमेर तक पहुंचते हैं। कई बंदरों ने तो शहर में अपना स्थाई पड़ाव बना लिया है। यह बाहरी इलाकों में भी देखे जा सकते हैं।
Published on:
10 Oct 2017 08:19 am
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
