
अजमेर . प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने अजमेर जिले के दौरे में मंगलवार को किसानों की बदहाली और युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार कहती है कि किसानों की आय डेढ़ गुना बढ़ाएंगे। किसानों की आमदनी बढऩा तो दूर उल्टे फसल के दाम भी नहीं मिल रहे। सरकार की नीतियों से तंग आकर 80 किसान आत्महत्या कर लेते हैं और सरकार के पास उनके आंसू पोंछने का भी वक्त नहीं है।
चार साल से प्रदेश के युवा सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। उनका इंतजार खत्म ही नहीं होने में आ रहा। पायलट ने जिले के दौरे के दूसरे दिन मसूदा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसम्पर्क किया। उन्होंने झड़वासा, कुम्हारिया, बांदनवाड़ा, पडांगा, सतावडिय़ा, जामोला, मायला, किराप, कुशलपुरा, शेरगढ़, मसूदा, हरराजपुरा गांवों में जनसम्पर्क किया।
पायलट ने कहा कि आमजन की फिक्र करने की बजाय सरकार घोटालेबाजों को बचाने में जुटी है। हजारों करोड़ रुपए का खान घोटाला हुआ। कांग्रेस ने मुद्दा उठाया तो खानों का आवंटन रद्द करना पड़ा। अब घोटालेबाजों को बचाने के लिए काला कानून लाया जा रहा है। मीडिया पर भी पाबंदी लगाने की तैयारी कर ली गई। जनता की फिक्र तो दूर सरकार की मुखिया अपने रिटायरमेंट की तैयारी कर रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के लिहाज से उनके बंगले को सजाया संवारा जा रहा है।
कहां थे चार साल तक!
पायलट ने कहा कि सरकार ने हाल ही अजमेर दौरे में मसूदा में कॉलेज खोलने से लेकर जमकर घोषणाएं की। पहले वो बताएं कि चार साल तक सरकार कहां सो रही थी। अचानक उपचुनाव में ही अजमेर की याद कैसे आई। उन्होंने अस्पतालों और स्कूलों को निजी क्षेत्र में सौंपने पर भी हमला बोला। पायलट ने कहा कि सरकार जब स्कूल और अस्पताल चला ही नहीं सकती तो उसे सत्ता में रहने का क्या हक है। आज पूरे प्रदेश में अस्पतालों में मरीज मर रहे हैं लेकिन सरकार अपना हठ नहीं छोड़ रही है।
Published on:
26 Dec 2017 08:12 pm
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