
अजमेर . अजमेर लोकसभा उपचुनाव की तिथि का ऐलान होने के साथ ही कांग्रेस ने भी चुनावी रणभेरी बजा दी है। गुटबाजी से चिंतित और अजमेर उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुकी कांग्रेस ने वार्डवार किलेबंदी की रणनीति तय की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने गुरुवार को जयपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय में अजमेर के कांग्रेस पार्षदों व हारे हुए पार्षद प्रत्याशियों से संवाद किया। पायलट ने पार्षदों को स्पष्ट रूप से चेताया कि जिस भी वार्ड से कांग्रेस को बढ़त नहीं मिली तो उस वार्ड प्रतिनिधि का राजनीतिक भविष्य भी सिमट जाएगा।
बीएलए व बूथ अध्यक्ष से संतुष्ट नहीं
राजनीतिक गलियारों में पायलट की इस बैठक की खासी चर्चा रही। इस बैठक को काफी अहम यूं भी माना जा रहा है कि हाल ही में अजमेर में हाल ही में उत्तर व दक्षिण के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन व मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम में बीएलए व बूथ अध्यक्ष की नियुक्तियां की गई। पार्टी संगठन ने दावे भी किए। लेकिन जिस प्रकार अब वार्डवार प्रदेश से प्रभारी लगाने की बात कही जा रही है उसके अनुसार तो ऐसा लगता है कि आलाकमान को मौजूदा संगठन में झोल नजर आया है। इसीलिए वार्ड वार पार्षदों को भी आतिरिक्त दायित्व दिए गए हैं।
प्रभारियों की रहेगी पैनी नजर
प्रत्येक तीन वार्ड पर प्रदेश प्रभारी व प्रत्येक वार्ड पर एक सह प्रभारी तैनात रहेंगे जो संबंधित वार्ड के वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओंं की गतिविधियों पर माइक्रोऑब्जर्वर के रूप में नजर रखेंगे। इससे यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि वार्ड अध्यक्ष व बीएलए पर आलाकमान उतना विश्वास नहीं कर रहे। इसीलिए वार्डवार पार्षदों को जिम्मेदारी सौंपी है।
दूसरे के वार्ड में ताकझांक नहीं करें
पायलट ने पार्षदों को जमीनी नेता बनने की सलाह देते हुए कहा कि पार्षद अपने वार्ड में रहकर पार्टी का काम करें। जैसे वे पार्षद चुनाव में जोर लगाते हैं वैसे ही लोकसभा उपचुनाव में भी मतदाता से जुड़ कर पार्टी को जिताने में ताकत लगाएं। दूसरे वार्ड में जाकर तांकझाक या माहौल देखने जाने वालों पर भी नजर रहेगी।
पायलट हो सकते हैं प्रत्याशी
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि जिस गंभीरता से पार्षदों को चेताया गया है उससे अनुमान लगाया जा रहा है अजमेर के प्रत्याशी पायलट भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी कोई परेशानी हो तो वह सीधे उनसे फोन पर बात कर सकता है। वह आगामी 28 दिन तक अजमेर जिले में ही रहेंगे। इन्हीं कारणों के चलते उनके प्रत्याशी बनने की संभावनाओं को फिर से बल मिल रहा है।
ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में निर्मल बैरवाल, चंदन सिंह, कीर्ति हाड़ा, द्रोपदी कोली, रेखा पिंगोलिया, चंद्रशेखर बालोटिया, पिंटू, शारदा पारीक, चंचल देवी, ललित वर्मा, कैलाश कोमल, समीर शर्मा सहित हारे पार्षदों में सुनील केन, गोपाल धानका, महेश चौहान, शैलेन्द्र अग्रवाल, प्रताप यादव, अमोलक छाबड़ा, दीनदयाल शर्मा, श्याम प्रजापति आदि मौजूद रहे।
Published on:
29 Dec 2017 09:11 am
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