
बाघसूरी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पत्नी जसोदा बेन ने राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरवधाम पहुंच मां कालका व भैरव दर्शन कर मनोकामनापूर्ण स्तंभ के परिक्रमा लगाई। जसोदा बेन के साथ उनके भाई अशोक, नानक राठौड़, सीता, मेहुल, तथा ऊंझा के सरपंच अमृतभाई ने भी भैरवधाम पर दर्शन किए। भैरवधाम की ओर से डिम्पल, राधिका व विष्णुकांता ने जसोदा बेन का स्वागत किया। जसोदा बेन ने बताया कि अजमेर प्रवास के दौरान राजगढ़ भैरवधाम के बारे में जानकारी मिली तो उनके मन में धाम के दर्शन करने की इच्छा हुई।
धाम की ओर से बेटी बचाओ, रक्तदान, नशामुक्ति संकल्प, जल संरक्षण, स्वावलंबन अभियान, स्वच्छता, गौरक्षा आदि सामाजिक कार्यों की उन्होंने सराहना की। इस मौके पर जसोदा बेन ने पति प्रधानमंत्री मोदी की दीर्घायु की कामना कर कहा कि जिस कार्य के लिए मोदी ने बीड़ा उठाया है। उसमें वे जरूर सफल होंगे। इस मौके पर प्रकाश रांका, अश्विनीकुमार, अनिल कटारिया, राहुल सैन, अविनाश सैन, ओमप्रकाश सैन, राजू धोबी, आशीष चौधरी सहित भैरवधाम के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अजमेर. सर्वधर्म मैत्री संघ का वार्षिक उत्सव बुधवार को सेंट मेरीज कान्वेंट स्कूल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, मंडल रेल प्रबंधक पुनीत चावला और महापौर धर्मेन्द्र गहलोत ने शिरकत की। उन्होने कहा कि हमें सभी धर्मों का आदर करते हुए सम्मिलित रूप से प्रेम और सौहार्द के वातावरण में भारत की उन्नति के लिए चिन्तन करना चाहिए। इस अवसर पर पाठक महाराज, बौद्धधर्म के ए.आनन्द वान्ते, अद्वैत आश्रम के देवेन्द्रनाथ सागर, दरबारा सिंह, गुरुद्वारा से दिलीप सिंह छाबड़ा, ब्रह्मकुमारी आशा दीदी, शेख मोहम्मद शफीक, मौलवी अजीमुर्रहमान व नारेली के सुकान्त भैया आदि ने सर्वधर्म सद्भावना फैलाने का संकल्प दिलाया।
विशिष्टजन का सम्मान
कार्यक्रम में मैत्री संघ के अध्यक्ष प्रकाश जैन, निदेशक फादर कोसमोस शेखावत, सचिव सिस्टर शीना और थामस वायस डिसूजा ने समाज को उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने के लिए नगर के विशिष्टजन रंगकर्मी व साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया, महावीर इन्टरनेशनल अध्यक्ष जिनेश सोगानी, शिक्षाविद् डॉ. मधु जैन और सामाजिक कार्यकर्ता सलमान चिश्ती को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वार्षिकोत्सव में कॉन्वेंट स्कूल की बालिकाओं ने भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही संन्यास आश्रम के बटुकों ने शांति व कल्याण मंत्र , गुरुद्वारा के रागी ने शबद कीर्तन, दरगाह के कव्वालों ने सूफी कव्वाली और चर्च के पादरी ने यीशु की प्रार्थना सस्वर में गाई।
Published on:
28 Dec 2017 11:48 am

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