
ACB-सरवाड़ पालिका अध्यक्ष ने दलाल के मार्फत ली थी 30 हजार की रिश्वत!
अजमेर. ठेकेदार के बकाया बिल के भुगतान की एवज में रिश्वत लेने मामले में सरवाड़ नगर पालिका चेयरमैन विजय लड्ढा की भी लिप्तता सामने आई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने लड्ढा और एक दलाल समेत कैशियर देवेन्द्रसिंह गुर्जर, अधिशासी अधिकारी दीपेन्द्रसिंह शेखावत व निम्बाहेड़ा में ट्रेप हुए तत्कालीन कनिष्ट अभियंता हरिसिंह कुम्हार का नाम शामिल करते हुए एफआईआर दर्ज करने के लिए एसीबी मुख्यालय भेजा है।
पुलिस उप अधीक्षक(एसीबी अजमेर चौकी) महिपाल सिंह ने बताया कि बुधवार को ठेकेदार के बकाया बिल भुगतान के एवज में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कैशियर देवेन्द्रसिंह गुर्जर, अधिशासी अधिकारी दीपेन्द्रसिंह शेखावत और निम्बाहेड़ा नगर पालिका कनिष्ठ अभियंता हरिसिंह कुम्हार को एसीबी अधिनियम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उनको 21 नवम्बर तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में सरवाड़ नगर पालिका चेयरमैन विजय लड्ढा व दलाल राजेश शर्मा की भी लिप्तता सामने आई है। एसीबी की ओर से दर्ज प्रकरण में लड्ढा और दलाल शर्मा का नाम शामिल किया है। जिसकी आगामी दिनों में पड़ताल के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दलाल के मार्फत ली रकम
एसीबी की पड़ताल में सामने आया कि परिवादी सोनी ने पालिका चेयरमैन लड्ढा से काम निकालने के लिए दलाल राजेश शर्मा का बताया। शर्मा ने लड्ढा से काम करने की एवज में 2 फीसदी रिश्वत पर राजी कर लिया। शर्मा ने चेयरमैन लड्ढा को 30 हजार रुपए की रकम अपने पास से दे दी। जो वह परिवादी से लेने वाला था। एसीबी ने चेयरमैन और दलाल शर्मा को भी प्रकरण में दोषी मानते हुए शामिल किया है।
यह है मामला
अजमेर एसीबी ने बुधवार को सीओ महिपालसिंह ने ठेकेदार महावीर सोनी शिकायत पर बकाया बिल के भुगतान के लिए बैकडेट में हस्ताक्षर के लिए सरवाड़ नगर पालिका कैशियर देवेन्द्रसिंह गुर्जर, अधिशासी अधिकारी दीपेन्द्रसिंह शेखावत को 10-10 हजार और सरवाड़ नगर पालिका के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता व निम्बाहेड़ा नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता हरिसिंह कुम्हार को निम्बाहेड़ा में 55 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। सोनी ने 27 सितम्बर को ईओ शेखावत व केशियर गुर्जर के खिलाफ शिकायत दी। सरवाड़ में उसकी फर्म ने श्मशान घाट, अम्बेडकर भवन, कब्रिस्तान पर निर्माण कार्य करवाए। इन कार्यों का करीब 18 लाख रुपए का भुगतान बकाया चल रहा था। भुगतान की एवज में 50 हजार रुपए की मांगी जा रही थी। इसमे 40 हजार रुपए पूर्व में दिए जा चुके थे। सोनी ने तत्कालीन व वर्तमान में निम्बाहेड़ा पालिका में कार्यरत जेइएन हरिसिंह कुम्हार के खिलाफ भी पुराने बिलों के भुगतान की एवज में 55 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी।
Updated on:
7 Nov 2019, 4:55 PM IST
Published on:
7 Nov 2019, 4:55 PM IST
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