
अजमेर में राइट टू हैल्थ बिल का विरोध
अजमेर. राइट टू हैल्थ बिल के विरोध में अजमेर जिले के सभी निजी अस्पताल बंद रहे। इनमें आउटडोर सहित आपातकालीन सेवाएं प्रभावित रहीं। कई ऑपरेशन टले, आपातकालीन सेवाएं ठप रही।
प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर सोसायटी के बैनर के तले एवं राजस्थान प्राइवेट हॉस्पिटल संघर्ष समिति के तत्वावधान में राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में गुरुवार को निजी अस्पतालों को बंद रखा गया। अजमेर शहर के सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम तथा क्लीनिक आदि की सभी सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रही। संभाग के करीब 250 अस्पतालों में लगभग 10000 आउटडोर सहित 500 ऑपरेशन स्थगित हुए।
आपात बैठक में बनाई रणनीति
अजमेर में प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिस सोसायटी पदाधिकारियों, चिकित्सकों की बैठक आयोजित की गई। जनरल सेक्रेटरी डॉ. कुलदीप शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पंकज तोषनीवाल, प्राइवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम सोसायटी के डॉ. नीरज कुमार और डॉ. विजय गक्कड़ एवं मौजूद सभी चिकित्सकों ने यह सुनिश्चित किया है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। बैठक में डॉ. संजीव मेहरा, डॉ. अर्चना जैन, डॉ. दीपक जैन, डॉ. राजकुमार खासगीवाल, डॉ. मीना खासगीवाल तथा आईएमए डॉ. भरत छबलानी, डॉ. राजेश जयसिंघानी एवं सुरेश लालवानी, डॉ. अशोक तलरेजा ने भी संबोधित किया। डॉ. प्रीतम कोठारी ने कहा कि इस बिल के कारण सभी प्राइवेट हॉस्पिटल्स को अपना कार्य करना कठिन हो जाएगा।
आज से सरकारी योजनाओं का बहिष्कार
17 मार्च से राज्य सरकार की सभी सरकारी योजनाओं का विरोध किया जाएगा। आरजीएचएस एवं चिरंजीवी योजनाओं का सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम पूर्णतः बहिष्कार करेंगे।
जेएलएन अस्पताल में बढ़ा दबाव
निजी अस्पतालों में हड़ताल का असर जेएलएन अस्पताल में साफ देखने को मिला। शिशु रोग विभाग में पर्ची काउंटर व परामर्श कक्ष के सामने से गेट के बाहर तक लम्बी कतारें लग गई। यहां 400 से अधिक की ओपीडी रही। वहीं मुख्य ओपीडी में भी मरीजों की लम्बी कतारें लगी रहीं। जेएलएनएच में 3600 मरीजों की ओपीडी रही।
Published on:
17 Mar 2023 05:43 pm
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