अजमेर. देव प्रबोधिनी एकादशी पर गुरुवार से तीर्थराज पुष्कर में धार्मिक मेले की शुरुआत होगी। पंच दिवसीय स्नान के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु (pilgrims) और साधुओं के (saints)अखाड़े पुष्कर पहुंचने शुरू हो गए हैं। गुरुवार को सहस्र वर्ष पुराने पुष्कर सरोवर में पहला धार्मिक स्नान शुरू होगा।
अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर मेले में धार्मिक स्नान की बहुत महत्ता है। यह स्नान एकादशी से पूर्णिमा तक जारी रहता है। सहस्र वर्ष पुराने पुष्कर सरोवर में डुबकी लगाने की श्रद्धालुओं की तमन्ना रहती है। इस बार एकादशी गुरुवार को है। लिहाजा से पुष्कर सरोवर में स्नान को लेकर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है।
पहुंची साधु-संतों की टोलियां
पुष्कर में स्नान के लिए साधु-संतों की टोलियां पहुंच गई हैं। इनमें विभिन्न अखाड़े शामिल है। साधु-संत अलग-अलग समय स्नान करेंगे। इनमें नागा साधू (Naga sadhu) भी शामिल हैं। यह हरिद्वार, प्रयागराज, नासिक और उज्जैन के कुंभ की तर्ज पर सरोवर में अपने अपने गुटों में स्नान करने जाएंगे।
श्रद्धालुओं की आवक शुरू
एकादशी के स्नान के लिए पुष्कर में देश भर से श्रद्धालुओं की आवक शुरू हो गई है। रोडवेज बस, कार, जीप और अन्य वाहनों से श्रद्धालु पुष्कर पहुंचने शुरू हो गए हैं। पुष्कर में तडक़े 4 बजे से सरोवर में स्नान कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। स्नान को देखते हुए घाटों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। गहराई और डूब क्षेत्र में लाल झंडियां भी लगाई गई हैं। इसके अलावा महिला (womens) और पुरुष (male) कांस्टेबल, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई हैं।
मांगलिक कार्य भी होंगे शुरू
चार महीने के बाद अजमेर सहित समूचे जिले में विवाह और अन्य कार्यक्रम होंगे। पारम्परिक मान्यता (tradition) के मुताबिक प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल दशमी तक देवशयन करते हैं। इस दौरान शुभ कार्य, विवाह और अन्य मांगलिक कार्यक्रम (wedding ceremony) नहीं होते हैं। कार्तिक माह की देव प्रबोधिनी एकादशी से शुभ कार्यों की पुन: शुरुआत होती है। इसके तहत सोमवार से विवाह एवं शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। इसके अलावा कई लोग एकादशी का व्रत रखेंगे। तुलसी विवाह का आयोजन भी होगा।