इस साल देखने लायक होगा पुष्कर मेला, हाईटेक सिस्टम से रहेगी यात्रियों पर नजर , पढ़ें और क्या होगा खास

इस साल देखने लायक होगा पुष्कर मेला, हाईटेक सिस्टम से रहेगी यात्रियों पर नजर , पढ़ें और क्या होगा खास

Sonam Ranawat | Publish: Sep, 20 2017 02:07:21 PM (IST) Ajmer, Rajasthan, India

विश्वविख्यात पशु एवं धार्मिक पुष्कर मेला हाईटेक होगा। पुष्कर पशु एवं धार्मिक मेले के चप्पे चप्पे पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।

विश्वविख्यात पशु एवं धार्मिक पुष्कर मेला हाईटेक होगा। पुष्कर पशु एवं धार्मिक मेले के चप्पे चप्पे पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। मेला मैदान सहित पुष्कर सरोवर के घाट, प्रमुख मंदिर व भीड़ भरे इलाके बाजार में होने वाली प्रत्येक गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद होगी। इससे अपराध व गैरकानूनी काम करने वालों की आसानी से धरपकड़ हो सकेगी। नगरपालिका को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुष्कर का धार्मिक पुष्कर मेला कार्तिक मास की देव उठनी एकादशी तिथि 31 अक्टूबर के पहले पंचतीर्थ महास्नान से शुरू होगा तथा 4 नवम्बर को पूर्णिमा के आखिरी पंचतीर्थ महास्नान के साथ सम्पन्न होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु पुष्ष्कर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाएंगे। कस्बे के महंत-संत मठाधीश पुष्कर सरोवर में शाही स्नान करेंगे तथा आध्यात्मिक यात्रा निकाली जाएगी। वहीं दूसरी ओर पशुपालन विभाग की ओर से दीपावली के तुरन्त बाद 20 अक्टूबर से ही मेला मैदान में पशुपालकों के लिए व्यवस्थाएं शुरू करके विभागीय स्तर पर पशु मेले की शुरूआत कर दी जाएगी।

 

 

संसदीय सचिव सुरेश सिंह रावत के मुख्य आतिथ्य एवं जिला कलक्टर गौरव गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार मेला सलाकार समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में गोयल ने मेला मैदान में पशुओं व पशुपालकों के लिए सफाई, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ साथ पुष्कर घाटी से लेकर मेला मैदान तक सड़क के मरम्मत व नवीनीकरण के निर्देश दिए।

चर्चा के दौरान संसदीय सचिव रावत ने अनन्ता रिसॉर्ट से पुष्कर के प्रवेश द्वार तक स्वीकृत सड़क बनाने में देरी करने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र सड़क बनाने के निर्देश दिए। साथ ही पुष्कर घाटी से अनन्ता तक के मार्ग को दुरुस्त करने को भी कहा। सचिव रावत ने मेला मैदान में मेला क्षेत्र में पार्र्किंग स्थल तथा पैदल यात्रियों के आवागमन को लेकर ले आउट प्लान बनाकर व्यवस्थाएं करने को कहा। उन्होंने पशुप्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में पारदर्शिता को लेकर दो प्रशासनिक अधिकारियो को शामिल करने के निर्देश दिए।

 

वैधानिक प्रक्रिया के बाद ही अनुमति

बैठक में कलक्टर गोयल ने मेला क्षेत्र में रोमांचक एव खतरनाक खेलों को पूर्ण वैधानिक प्रक्रिया अपनाने के बाद ही अनुमति देने की बात कही। साथ ही मेला क्षेत्र में दुकानों का आवंटन नहीं करने का निर्णय किया। मेला क्षेत्र में पशुओं के लिए बनी खेळियों की मरम्मत सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा लघु मरम्मत को काम एडीए से कराने के निर्देश दिए। साथ ही पुष्कर के परिक्रमा मार्ग व आध्यात्मिक यात्रा मार्ग की सड़कों को ठीक करने तथा मैदान में पेयजल के लिए अतिरिक्त नल लगाने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलक्टर कैलाश चंद ने मेले के दौरान खाद्य पदार्थो की नियमित जांच करने तथा मानक के अनुसार खरे नहीं उतरने पर खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।

 

 

 

 

सौंपी जिम्मेदारियां

बैठक में पुष्कर नगर पालिका अध्यक्ष कमल पाठक सहित मेला सलाहकार समिति के सचिव एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. श्याम सुन्दर चंदावत, जिला रसद अधिकारी संजय माथुर, पुष्कर उपखंड अधिकारी वी. के. गोयल, तहसीलदार विमलेन्द्र राणावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारिया सौंपी गई।

 

मेला कार्यक्रम : एक नजर

पुष्कर पशुमेला दीपावली के दूसरे रोज कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 20 अक्टूबर से शुरू होकर मार्गशीर्ष दूज 2 नवम्बर तक चलेगा। पशुपालन विभाग की ओर से 20 अक्टूबर को झंडा चौकियां स्थापित कर दी जाएगी। 22 अक्टूबर को चौकियों स्थापना करने के साथ ही मेला मैदान में आने वाले पशुओं की विभागीय स्तर पर गणना शुरू हो जाएगी। कार्तिक शुक्ला गोपाष्ठमी पर मेला मैदान में झंडारोहण करने के साथ ही मेले की औपचारिक शुरूआत तथा प्रशासनिक व्यवस्थाएं शुरू हो जाएगी। 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक मेला मैदान में सांस्कृतिक आयोजनों की धूम रहेगी। इसी दौरान पशुप्रतियोगिताएं भी होगी। पुरस्कार वितरण समारोह 4 नवम्बर को मेला मैदान में होगा।

 

 

धार्मिक मेले से दो दिन पूर्व पशुओं की रवानगी
खास बात तो यह है कि हर बार एकादशी से पशुओं की रवानगी होती है। लेकिन इस बार पशुओं की रवानगी 29 अक्टूबर से ही करने का महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है। इस बारे में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. एस. एस. चंदावत ने बताया कि दीपावली के बाद से ही पशुपालकों का आवक शुरू हो जाएगी। पशुपालकों को लम्बे समय तक रोकने पर उनके लिए खर्चा करना महंगा हो जाता है तथा परेशानियां होती है। पशुपालकों की सुविधार्थ इस बार 29 अक्टूबर से ही मेला मैदान से पशुओं की रवानगी शुरू कर दी जाएगी। इनका कहना है

पुष्कर मेले में इस बार पुष्कर सरोवर के घाट, बाजार मेला मैदान सहित सभी जगहों पर नगरपालिका की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। मेला मैदान से पशुओं की रवानगी 29 अक्टूबर से ही कर दी जाएगी।
- डॉ. एस. एस. चन्दावत, संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग अजमेर

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