एक ट्रेनी नर्स होने से रोगियों को नहीं मिल रहा फायदा, दो माह में महज 85 रोगी ही जुड़े
महावीर भट्ट . पुष्कर .
चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के गृह जिले अजमेर के पुष्कर चिकित्सालय में सरकार की ऑन लाइन टेलीमेडिसिन योजना दम तोड़ रही है। प्रचार-प्रसार नही होने से रोगियों को इस सुविधा के बारे मे जानकारी ही नही है। वहीं इस योजना के लिए मात्र एक ट्रेनी नर्स को लगाया गया है। उसकी भी डयूटी शिफ्ट बदलने के दौरान रोगियों को इस सुविधा का फायदा ही नहीं मिल पाता है। नतीजतन सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद भी रोगी इस योजना का लाभ नही ले पा रहे।
योजना पर एक नजर
राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2017 में ऑनलाइन टेलीमेडिसिन योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत पुष्कर चिकित्सालय में कम्प्यूटर सहित तमाम सामग्री उपलब्ध करवा दी गई। योजना के तहत रोगी कम्प्यूटर में लगे कैमरे के सामने बैठकर अपने रोग के बारे में जयपुर के महात्मा गांधी चिकित्सालय के विशेषज्ञों से सीधी वार्ता कर सकते हैं तथा रोग के निदान समस्या, साइड इफेक्ट व कराई गई जांचों की ऑन लाइन जानकारी देकर सीधे संवाद के माध्यम से उपचार ले सकते हैं। ऑन लाइन रहने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक की ओर से रोगी से सीधी बात करने के बाद ऑन लाइन ही उपचार दवाइयां लेने का तरीका व प्रकार लिख देते हैं। इसके लिए पुष्कर चिकित्सालय के दो नर्स को टे्रनिंग दी गई थी। इसमें एक नर्स का स्थानान्तरण होने के बाद मेल नर्स द्वितीय मनोज वैष्णव की बचे हैं। उसकी भी ड्यूटी शिफ्ट में लगने के कारण कई बार दिन में इस योजना को चलाने वाला कोई नही रहता।
नहीं किया प्रचार-प्रसार
चिकित्सालय प्रबंधन की ओर से भी रोगियों के लिए इस सुविधा में बारे में किसी प्रकार का प्रचार प्रसार नही किया गया है। यही कारण है कि रोगियों को इस सुविधा का लाभ ही नहीं मिल पा रहा।
बीस हजार रोगी प्रति माह का आउटडोर
पुष्कर चिकित्सालय में औसतन कररीब बीस हजार रोगी प्रति माह का आउटडोर है। लेकिन टेलीमेडिसिन सुविधा के आंकड़ों पर नजर डालें तो मई माह में कुल 25 तथा अप्रेल में 60 जनों को ही इस सुविधा से जोड़ा गया था।
इनका कहना है
दो ट्रेंड नर्स थे। इनमे से एक का स्थानान्तरण हो गया है। एक ट्रेन्ड नर्स है दूसरा नर्स आने पर उन्हे टे़््रनिंग दिलाई जाएगी। प्रचार प्रसार करवाया जाएगा।
- आर. के. गुप्ता, प्रभारी चिकित्सालय पुष्कर