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उद्योग के लिए संजीवनी होगी पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन

सीमेन्ट उद्योग, खनिज परिवहन में होगी आसानी, केन्द्र सरकार जल्द करे शुरुआत तो मिलेगा फायदा
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अजमेर

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Chandra Prakash Joshi

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Updated: 7 Feb 2024, 3:54 PM IST

उद्योग के लिए संजीवनी होगी पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन

उद्योग के लिए संजीवनी होगी पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन

अजमेर. औद्योगिक शहर एवं क्षेत्रों को जोड़ने के लिए पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन संजीवनी होगी। परिवहन की सुविधा एवं माल ढुलाई के लिए नए विकल्प के रूप में भी रेलवे परिवहन की सुगमता से ना केवल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि मेवाड़-मारवाड़ के प्रति आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।

अजमेर जिला खनिज उत्पादन के क्षेत्र में आगे हैं। ब्यावर-केकड़ी के साथ अजमेर जिले में क्वार्ट्ज, फेल्सपार, संगमरमर एवं कुछ जगह मार्बल का उत्पादन है। इसी तरह नागौर में भी जिप्सम का भंडार है। जिप्सम के उत्पादन के साथ इसकी डिमांड अन्य राज्यों में भी है। वहीं डेगाना के आसपास टंगस्टन है।

कच्चे व पके माल की ढुलाई होगी आसान

पुष्कर-मेड़ता लाइन के प्रारंभ होने से खनिज संबंधी कच्चे व पके माल की ढुलाई भी आसान होगी। कम समय व कम लागत में माल का परिवहन होने से सरकार को रेवेन्यू के साथ लीजधारकों के लिए भी लागत कम आएगी।

ब्यावर बना सीमेन्ट उत्पादन का हब

नए जिलों के परिसीमन के बाद ब्यावर सीमेन्ट उत्पादन का विश्व का सबसे बड़ा हब बन गया है। ब्यावर अंधेरी देवरी, रास, जैतारण व आसपास के क्षेत्र में सीमेन्ट उद्योग की नामी कंपनियां प्लांटों में सीमेन्ट का उत्पादन कर रही है। पुष्कर-मेड़ता लाइन के जुड़ने से पंजाब, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, हरियाणा, जोधपुर, नागौर, बीकानेर तक सप्लाई आसान होगी।

नागौर में यह भी खास-मसाला फसलों का उत्पादन।

-पान मैथी उद्योग।-सूखी सब्जियों का उद्योग।

-स्टील (लौह) उद्योग।

अजमेर के यह प्रमुख उद्योग

-मार्बल-ग्रेनाइट उद्योग।-पुष्कर में गुलाबनिर्मित उत्पाद उद्योग।

-आंवला, जामुन से जुड़े उद्योग।